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Baba Ramdev Ji Ri Beej Kaise Manaye | बाबा रामदेव जी री बीज कैसे मनाये|Marwadi Rajasthani Bhasa Mai

Norti Bai

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Baba Ramdev Ji Ri Beej Kaise Manaye | बाबा रामदेव जी री बीज कैसे मनाये|Marwadi Rajasthani Bhasa Mai

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Baba Ramdev Ji Ri Beej Kaise Manaye | बाबा रामदेव जी री बीज कैसे मनाये|Marwadi Rajasthani Bhasa Mai  theheritageofindia.com Shareshare Menumenu     baba ki beej kab hai 2023 BHADWA BEEJ 2023 theheritageofindia.com schedule 2022-06-09 | 10:19h update 2023-09-13 | 06:16h person Ghanshyam kumawat domain theheritageofindia.com baba ki beej kab hai 2023 BHADWA BEEJ 2023   Table of Contents ToggleAMP Baba ki beej kab hai 2023 BHADWA BEEJ 2023  लोक देवता बाबा रामदेव जी को मारवाड़, गुजरात सहित अनेक प्रांतों के लोग मानते हैं तथा रामदेव जी की पूजा आराधना करते हैं। बाबा रामदेव जी को लोग द्वारकाधीश का अवतार मानते हैं। राजस्थान के जैसलमेर जिले की पोकरण तहसील के रामदेवरा गांव में बाबा रामदेव जी का विशाल एवं भव्य मंदिर बना हुआ है। जहां पर हर साल लाखों की संख्या में भक्तगण दर्शनों को आते हैं। राजस्थान का कुंभ कहां जाने वाला भादवा मेला प्रतिवर्ष इसी स्थान पर लगता है। यह मेला राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा लंबा चलने वाला मेला है। यह मेला भाद्रपद मास की दूज (बीज ) से शुरू होकर भाद्रपद मास की एकादशी तक रहता है , परंतु भक्तों का आना सावन मास से ही शुरू हो जाता है।  RAMDEV JAYANTI 2023    baba ki beej kab hai 2023 बाबा रामदेव जी की जयंती अर्थात बाबा रामदेव जी का जन्म दिवस प्रतिवर्ष उनके भक्तों द्वारा संपूर्ण भारत में मनाया जाता है। यह तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया पर पड़ती है। परंतु कुछ लोगों का मानना है कि बाबा रामदेव जी का जन्म महोत्सव चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को बताते हैं। इसी दिन से पश्चिमी राजस्थान का कुंभ कहां जाने वाला मेला शुरू होता है। BABA KI BEEJ KAB HAI 2023  बाबा रामदेवजी का Ramdevra Mela 2023 हर साल की तरह इस साल भी बाबा के भक्तो की भरी संख्या के साथ लगेगा। परन्तु इस बार का Ramdevra Mela 2023  कुछ अलग रहेगा क्योकि इस बार भादवा मेला लम्बा चलेगा ,जिसका प्रमुख कारन श्रावण मास का दो बार होना बताया जा रहा।  बता दे की भादवा मेला हर वर्ष भाद्रपद मास लगने के साथ ही शुरू हो जाता है परन्तु सरकारी पन्नो में भादवा मेला भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की दूज  से शुरू होकर भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की ग्यारस  तक चलता है।  वैसे तो बाबा के श्रद्धालु भादवा से पहले ही आना शुरू हो जाते है परन्तु इस बार भादवा मेला 17 सितंबर  को शुरू हो जाएगा। भाद्रपद मास की दूज के दिन बाबा की समाधी को पंचामृत से नहलाकर स्वर्ण मुकुट पहनाकर Ramdevra Mela 2023 आगाज होगा। भैरव राक्षस कौन था? भैरव रक्षज एक क्रूर दैत्य था।  भादवा की दूज कौन सी तारीख को है? भादवा की दूज 17 सितंबर को है।  भादवा की दूज कब है 2023?BHADWA BEEJ 2023 भादवा की दूज 17 सितंबर  को है।  BABA RANDEVJI BHAJAN ( RAMAPIR ) BHADWA BEEJ 2023 मरूधर में जोत जगाय गयो , बाबो धोळी धजा फेहराय गयो । म्हारो सांवरियो गिरधारी , बण्यो पचरंग पेचाधारी । भगतां रे कारण ,अजमल घर अवतार लियो । कसूंबल केसरिया ,बागा रो सिणगार कियो । राजा अजमल पुण्य कमायो , थाने पुत्र रूप में पायो । मेणा दे लाड लडायो , माँयड बण दूध पिलायो । भादरवा री बीज ने आय गयो , चानणियाँ सू चमकाय गयो। बाई सुगणा आरती गावे , भाटी हरजी चॅवर दुळावे । श्री लक्ष्मी रूप नेतलदे ,संग में ब्यावकियो । कसूंबल केसरिया ,बागा रो सिणगार कियो । बाबो हिन्दवा पीर कहायो , रूणीचा नगर बसायो । कोई ऊँचो नाँहि नीचो , सब भेद भाव ने मिटायो । थोथी थळियाँ में आय गयो , तंदूरा रा तार बजाय गयो । बाबो तुर्रा किलंगी धारी , लीला घोड़ा री असवारी । कलियुग में बाबो ,पगल्याँ ने पुजवाय गयो । कसूंबल केसरिया ,बागा रो सिणगार कियो । बिछड्योड़ा मीत मिळावे , बाबो मनरी आस पुरावे । भगतां री लाज बचावे , जो ध्यावे परचो पावे । हरजी भाटी गुण गाय रयो , गोपाळो शरणे आय गयो । बाबो निकळंक नेजा धारी , ज्यांरी कीरत जग में भारी । शरणे आयोडाँ ,भगतां रो उद्धार कियो । कसूंबल केसरिया ,बागारो सिणगार कियो ।   BABA RAMDEVJI AARTI  BHADWA BEEJ 2023  जय अजमल लाला प्रभु, जय अजमल लाला ।                                   भक्‍त काज कलयुग में लीनो अवतारा, जय अजमल लाला ।                                          अश्‍वन की अवसारी शोभीत , केशरीया जामा,जय अजमल लाला ।  शीस तुर्रा हद शोभीत हाथ लीया भाला ,जय अजमल लाला ।  डुब्‍त जहाज तीराई भैरव दैतव को मारा ,जय अजमल लाला ।  कृष्‍णकला भयभजन राम रूणेचा वाला, जय अजमल लाला ।  अंधन को प्रभु नेत्र देत है, सुख संपती माया ,जय अजमल लाला ।  कानन कुंडल झील मील गल पुष्‍पनमाल ,जय अजमल लाला ।  कोढी जय करूणा कर आवे, होंय दुखीत काया, जय अजमल लाला ।  शरणागत प्रभु तोरी भक्‍तन सुन दाया ,जय अजमल लाला ।  आरती रामदेव जी की नर नारी गावे ,जय अजमल लाला ।  कटे पाप जन्‍म-जन्‍म के मोक्षा पद पावे ,जय अजमल लाला ।  जय अजमल लाला प्रभु ,जय अजमल लाला ।  भक्‍त काज कलयुग में लीनो अवतारा , जय अजमल लाला ।   PICHHAM DHARA SU MHARA PIR JI PADHAARIYA पिछम धरां सूं म्हारा पीर जी पधारिया। घर अजमल अवतार लियो लाछां सुगणा करे थारी आरती। हरजी भाटी चंवर ढोले। पिछम धरां सूं म्हारा पीर जी पधारिया। गंगा जमुना बहे सरस्वती। रामदेव बाबो स्नान करे। लाछां सुगणा करे थारी आरती। हरजी भाटी चंवर ढोले। पिछम धरां सूं म्हारा पीर जी पधारिया। घिरत मिठाई बाबा चढे थारे चूरमो धूपारी महकार पङे लाछां सुगणा करे थारी आरती। हरजी भाटी चंवर ढोले। पिछम धरां सूं म्हारा पीर जी पधारिया। ढोल नगाङा बाबा नोबत बाजे झालर री झणकार पङे लाछां सुगणा करे थारी आरती। हरजी भाटी चंवर ढोले। पिछम धरां सूं म्हारा पीर जी पधारिया। दूर-दूर सूं आवे थारे जातरो दरगा आगे बाबा नीवण करे। लाछां सुगणा करे थारी आरती। हरजी भाटी चंवर ढोले। पिछम धरां