Перейти к содержимому

SHIVGARJANA |शिवगर्जना | CHATRAPATI SHIVAJI MAHARAJ | JAGIRDAR RV | MR. MAXX

JAGIRDAR RV OFFICIAL

0:00 / 0:00

SHIVGARJANA |शिवगर्जना | CHATRAPATI SHIVAJI MAHARAJ | JAGIRDAR RV | MR. MAXX

442 262 просмотра · 1 г. назад
JAGIRDAR RV OFFICIAL
33,2 тыс. подписчиков
442 262 просмотра · 1 г. назад
Title - SHIVGARJANA CHATRAPATI SHIVAJI MAHARJ Singer - Jagirdar RV & MR. Maxx Lyrics - JAGIRDAR RV Music -Mr. Maxx Mix& Master - Jagtar Singh Video - Ajay VK Poster - NPS DESIGN Producer - Folknexus Studio Special Thanks - Rapperiya Baalam For Direct Super Thanks and Donation 04480210003398 IFSC UCBA0000448 JAGIRDAR RV UCO bank UPI ID - jagirdarrv-2@okhdfcbank All Copyrights Reserved by Jagirdar RV (On Behalf of Folknexus Studio) For Enquiries : jagirdarrv@gmail.com Contact : ( +918107007978 +916376436224 ) Intro चण्डी अब रण की जाग चुकी रक्त की लत तलवार लगी मर्द मराठे आए रण में सैना विराम अब भूल चुकी सुनो समर भेरी की गूँज उठी पर्वत सी पावक तूल उठी तड़प, गरज धरती कड़क युद्ध मैदान में धूल उठी Prehook हुई चोतरफा ज्वाला ज्वाला शत्रु छाती भाला डाला डाल देह भगवा बाना भिड़ा मुगलों से मतवाला Hook धमक धमक रण टूट पड़े ,वो छत्रपति महाराज शिवाजी विजय पताका फहरी नभ में ,साँसे शत्रु हर क्षण काँपी धमक धमक रण टूट पड़े ,वो छत्रपति महाराज शिवाजी विजय पताका फहरी नभ में ,साँसे शत्रु हर क्षण काँपी Rap खरतर बिखरे तड़तड़ दरदर गर्दन सर धर लहू लटपट कट पट रण बन मरघट छटपट सरपट जावे झट पट चढ़ दुश्मन गढ़ बल बुद्धि हर पल हर क्षण बढ़ तल नभ जल हर तट मौत को वो मात देते बैरीयो को काटते थे ज्वाला वो जानलेवा मुग़ल जिससे काँपते थे Para हर बाज गाज सा गरज रहा बादल मृत्यु का बरस रहा शत्रु साँसो को तरस रहा धड़क धड़क दिल धड़क रहा औरंगजेब कपटी चाल चले हर मुमकिन कपटी जाल बुने पर जीजा बाई का बेटा केसरी हिन्द जंगल दहाड़ भरे शौर्य सामर्थ्य पराक्रम दिया रक्त रवानी में जीजा बाई के पुत्र को आशीष में मात भवानी ने Hook धमक धमक रण टूट पड़े ,वो छत्रपति महाराज शिवाजी विजय पताका फहरी नभ में ,साँसे शत्रु हर क्षण काँपी धमक धमक रण टूट पड़े ,वो छत्रपति महाराज शिवाजी विजय पताका फहरी नभ में ,साँसे शत्रु हर क्षण काँपी गडपती, गजअश्वपती, भुपती, प्रजापती.. सुवर्णरत्नश्री पती.. अष्टवधान जागृत, अष्टप्रधान दैष्टीत न्यायालंकार मंडीत, शस्रास्रशास्र पारंगत राजनीती धुरंधर, प्रौढप्रताप पुरंदर क्षत्रियकुलावतंस, सिंहासनाधिश्वर महाराजाधिराज… राजा शिव छत्रपती महाराजांचा विजय असो