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गुरु बिना रे मनवा पार न पावै नैया

Samutkarsh Nisreyas Knowledge

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गुरु बिना रे मनवा पार न पावै नैया

32 307 просмотров · 1 месяц назад
Samutkarsh Nisreyas Knowledge
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गुरु केवल वह व्यक्ति नहीं होता जो हमें पुस्तक का कोई अध्याय पढ़ा दे; गुरु वह होता है जो जीवन का अर्थ पढ़ना सिखा दे। माता-पिता हमें जन्म देते हैं, लेकिन गुरु हमारे व्यक्तित्व का पुनर्जन्म कराते हैं। वे हमारी कमियों पर चोट करते हैं, ताकि हमारा चरित्र मजबूत बन सके; वे हमारी सफलताओं पर मुस्कुराते हैं, ताकि हमारा आत्मविश्वास जीवित रहे। यदि जीवन में किसी गुरु का सान्निध्य मिला है, तो समझिए ईश्वर ने आपके हाथ में दिशा दिखाने वाला दीपक सौंप दिया है। गुरु पूर्णिमा केवल प्रणाम करने का दिन नहीं, बल्कि अपने भीतर विनम्रता, सीखने की प्यास और गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का पर्व है। संसार की हर उपलब्धि का आधार ज्ञान है, और हर ज्ञान के पीछे किसी न किसी गुरु का मौन तप, त्याग और आशीर्वाद छिपा होता है। ऐसे सभी गुरुओं के श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन।