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बरस रही बरसात सखि... बैरण हो गई रात सखि।

Chetan Production Music

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बरस रही बरसात सखि... बैरण हो गई रात सखि।

59 просмотров · 9 дн. назад
Chetan Production Music
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बरसात की रिमझिम फुहारों के बीच जब प्रियतम साथ न हो, तो वही रात विरह की पीड़ा बन जाती है। यह गीत एक विरहिणी के मन की उस बेचैनी को व्यक्त करता है, जहाँ बारिश की हर बूंद प्रिय की याद को और गहरा कर देती है। सेज सर्प सी डसती है, अंग-अंग में आग लगी है और आँखें बस उनकी राह निहार रही हैं। यह रचना प्रेम, प्रतीक्षा और विरह की गहरी अनुभूति को सरल लेकिन मार्मिक शब्दों में प्रस्तुत करती है। बरसात बरस रही बरसात सखि। बैरण हो गई रात सखि।। सेज सर्प सी डसती है। आज वो नहीं साथ सखि।। छाती में हैं शूल चुभें। घाव बन गया गात सखि।। जाने क्यों बैचैनी है। कोई न सुहाती बात सखि।। अंग-अंग में आग लगी। दाल भाए ना भात सखि।। उनकी बाट निहार रही- धरे हाथ पर हाथ सखि।। कठिन शब्द / अर्थ बैरण — शत्रु जैसी, कष्ट देने वाली सेज — बिस्तर / शय्या शूल — काँटा, पीड़ा गात — शरीर बाट — राह / रास्ता निहारना — प्रतीक्षा करते हुए देखना सुहाती — अच्छी लगना गीत का भावार्थ इस गीत में नायिका अपने प्रियतम के वियोग में व्याकुल है। बाहर बारिश हो रही है, लेकिन प्रिय के बिना वही बारिश और रात उसे सुख देने के बजाय विरह की पीड़ा बढ़ा रही है। बिस्तर भी उसे कांटों जैसा चुभता है, शरीर और मन दोनों पीड़ा से व्याकुल हैं। उसे किसी बात में आनंद नहीं मिलता और वह हाथ पर हाथ रखकर प्रियतम के लौटने की राह देख रही है। लेखन एवं रचना गीतकार / कवि (Lyricist / Poet): Kavi Pandit Nandkishor Ji Nirjhar प्रोडक्शन एवं निर्देशन निर्माता / प्रोडक्शन हेड (Producer / Production Head): Miss. Tanisha Kumawat निर्देशक (Director): Mr. Harshit Jingar छायांकन / सिनेमैटोग्राफी (Cinematography): Miss. Tanisha Kumawat संगीत निर्माता (Music Producer): Miss.Vandana khatik AI Music & Vocal: Suno AI वीडियो एडिटर (Video Editor): Mr. Abhi 7773 AI Visual Generation: Gemini AI Prompt & AI Direction: ChatGPT Special Thanks: Dr. Chandra Shekhar Changeriya Mr. Chandra Prakash Ameta #बरसात #विरहगीत #हिंदीगीत #प्रेमगीत #विरह #बारिश #KaviNandkishorJiNirjhar #ChetanProductionMusic #HindiPoetry #HindiSong #RainSong #virahgeet