आठवीं कक्षा- विधिकाल या आज्ञार्थक काल (AI VIDEO)
PRAKRIT BHASHA
0:00 / 0:00
आठवीं कक्षा- विधिकाल या आज्ञार्थक काल (AI VIDEO)
101 просмотр · 2 недели назад
PRAKRIT BHASHA
208 подписчиков
101 просмотр · 2 недели назад
प्राकृत व्याकरण
विधि एवं आज्ञा काल
1. परिभाषा
जब किसी कार्य को करने के लिए प्रार्थना, आज्ञा अथवा उपदेश दिया जाता है, तब इन भावों को व्यक्त करने के लिए क्रिया में विधि एवं आज्ञा के प्रत्यय लगाए जाते हैं।
________________________________________
2. पुरुषवाचक सर्वनाम
पुरुष एकवचन बहुवचन
उत्तम पुरुष अहं / हं / अम्हि = मैं वयं / अम्हे = हम
मध्यम पुरुष तुमं / तुं / तुह = तुम तुब्भे / तुम्हे / तुज्झे = तुम सब
अन्य पुरुष सो = वह (पु.), सा = वह (स्त्री.) ते = वे (पु.), ता/ताओ/ताउ = वे (स्त्री.)
________________________________________
3. प्राकृत में विधि एवं आज्ञा के प्रमुख प्रत्यय
पुरुष एकवचन बहुवचन
उत्तम मु मो
मध्यम हि, सु, धि, Ø, इज्जसु, इज्जहि, इज्जे ह, ध
अन्य उ, दु न्तु
________________________________________
4. उत्तम पुरुष
(क) एकवचन
अहं / हं / अम्हि = मैं
उत्तम पुरुष एकवचन में मु प्रत्यय लगता है। क्रिया के अन्त्य अ में परिवर्तन होकर आ, इ अथवा ए भी हो सकता है।
‘हस’ धातु
• हसमु
• हसामु
• हसिमु
• हसेमु
अहं हसमु। — मैं हँसू।
अहं हसामु। — मैं हँसू।
अहं हसेमु। — मैं हँसू।
अर्द्धमागधी
हसेज्जा, हसेज्जामि
________________________________________
(ख) बहुवचन
वयं / अम्हे = हम
उत्तम पुरुष बहुवचन में मो प्रत्यय लगता है।
‘हस’ धातु
• हसमो
• हसामो
• हसेमो
वयं हसमो। — हम हँसें।
अर्द्धमागधी में—
हसेज्जाम — हम हँसें।
सूत्र
उत्तम: मु — मो
________________________________________
5. मध्यम पुरुष
(क) एकवचन
तुमं / तुं / तुह = तुम
मध्यम पुरुष एकवचन में—
हि, सु, धि, Ø, इज्जसु, इज्जहि, इज्जे
प्रत्यय मिलते हैं।
‘हस’ के रूप
हसहि / हसेहि
हससु / हसेसु
हसधि / हसेधि
हस / हसे
हसेज्जसु / हसेज्जहि / हसेज्जे
उदाहरण—
तुमं हसहि। — तुम हँसो।
तुमं हससु। — तुम हँसो।
विशेष नियम
Ø, इज्जसु, इज्जहि, इज्जे का प्रयोग अकारान्त क्रियाओं में होता है। आकारान्त, ओकारान्त आदि क्रियाओं में मुख्यतः हि, सु, धि का प्रयोग होता है।
अर्द्धमागधी
हसेज्जा, हसेज्जासि, हसेज्जाहि।
________________________________________
(ख) बहुवचन
तुब्भे / तुम्हे / तुज्झे = तुम सब
प्रत्यय—
ह, ध
‘हस’ के रूप
हसह / हसेह
हसध / हसेध
तुब्भे हसह। — तुम सब हँसो।
अर्द्धमागधी—
हसेज्जाह — तुम सब हँसो।
सूत्र
मध्यम: हि, सु, धि — ह, ध
________________________________________
6. अन्य पुरुष
(क) एकवचन
सो = वह (पुरुष)
सा = वह (स्त्री)
अन्य पुरुष एकवचन में उ, दु प्रत्यय लगते हैं।
उदाहरण
लुक्क + उ → लुक्कउ
लुक्क + दु → लुक्कदु
लुक्कउ / लुक्केउ / लुक्कदु / लुक्केदु
= वह छिपे।
‘हस’ धातु से—
हसउ / हसदु — वह हँसे।
अर्द्धमागधी में—
हसे / हसेज्जा।
________________________________________
(ख) बहुवचन
ते = वे (पुरुष)
ता / ताओ / ताउ = वे (स्त्रियाँ)
अन्य पुरुष बहुवचन में न्तु प्रत्यय लगता है।
‘हस’ धातु
हसन्तु / हसेन्तु
= वे सब हँसें।
अर्द्धमागधी—
हसेज्जा
= वे सब हँसें।
सूत्र
अन्य: उ, दु — न्तु
________________________________________
7. आकारान्त क्रिया — ठा
अर्द्धमागधी में आकारान्त क्रिया के साथ एज्जा आदि प्रत्यय लगते हैं।
पुरुष रूप
उत्तम एकवचन ठाएज्जा, ठाएज्जामि
मध्यम एकवचन ठाएज्जा, ठाएज्जासि, ठाएज्जाहि
अन्य एकवचन ठाएज्जा
________________________________________
8. ओकारान्त क्रिया — हो
‘हो’ धातु के अर्द्धमागधी विधि रूप—
पुरुष रूप
उत्तम एकवचन होज्जा, होज्जामि
मध्यम एकवचन होज्जा, होज्जासि, होज्जाहि
अन्य एकवचन होज्जा
विशेष: आकारान्त, ओकारान्त आदि क्रियाओं के मध्यम पुरुष एकवचन में हि, सु, धि का प्रयोग होता है; इज्जसु, इज्जहि, इज्जे का नहीं।
________________________________________
9. सम्पूर्ण पाठ का स्मरण-सूत्र
प्राकृत
उत्तम पुरुष
मु — मो
मध्यम पुरुष
हि, सु, धि — ह, ध
अन्य पुरुष
उ, दु — न्तु
अर्द्धमागधी
विधि के रूपों में एज्जा प्रमुख रूप से दिखाई देता है—
• उत्तम एकवचन — हसेज्जा, हसेज्जामि
• उत्तम बहुवचन — हसेज्जाम
• मध्यम एकवचन — हसेज्जा, हसेज्जासि, हसेज्जाहि
• मध्यम बहुवचन — हसेज्जाह
• अन्य एकवचन — हसे, हसेज्जा
• अन्य बहुवचन — हसेज्जा
________________________________________
विद्यार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात
विधि एवं आज्ञा काल में रूप बनाने के लिए तीन बातें याद रखें—
① पुरुष पहचानें → ② वचन पहचानें → ③ उचित प्रत्यय लगाएँ।
उदाहरण:
अहं + हस + मु → हसमु
वयं + हस + मो → हसमो
तुमं + हस + हि → हसहि
तुब्भे + हस + ह → हसह
सो + हस + उ → हसउ
ते + हस + न्तु → हसन्तु
एक पंक्ति में पूरा पाठ
मु-मो उत्तम, हि-सु-धि तथा ह-ध मध्यम, उ-दु तथा न्तु अन्य पुरुष के प्रमुख प्रत्यय हैं।