Перейти к содержимому

कार्तिक मास की कथा | अध्याय 3 | दीपदान की महिमा | एक चूहे को कैसे मिला वैकुण्ठ धाम? | Kartik Maas

PujaSarthi India

0:00 / 0:00

कार्तिक मास की कथा | अध्याय 3 | दीपदान की महिमा | एक चूहे को कैसे मिला वैकुण्ठ धाम? | Kartik Maas

168 просмотров · 10 дн. назад
PujaSarthi India
2,17 тыс. подписчиков
168 просмотров · 10 дн. назад
॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ 🙏🪔 ॥ जय श्री राधे! जय श्री हरि! ॥ 🌺 कार्तिक मास की कथा | अध्याय 3 | दीपदान की महिमा | एक चूहे को कैसे मिला वैकुण्ठ धाम? कार्तिक मास में दीपदान का क्या महत्व है? एक छोटे से चूहे को भगवान विष्णु की कृपा से वैकुण्ठ धाम की प्राप्ति कैसे हुई? जानिए कार्तिक मास माहात्म्य के तृतीय अध्याय (Kartik Maas Katha Adhyay 3) में वर्णित यह अद्भुत पौराणिक कथा। 🙏 जय श्री राधे! जय श्री हरि! प्रस्तुत है श्री कार्तिक मास माहात्म्य का तृतीय अध्याय – दीपदान की महिमा (Deep Daan Ki Mahima), जिसमें भगवान श्रीहरि के सम्मुख दीपक प्रज्वलित करने के आध्यात्मिक महत्व और भगवान विष्णु की कृपा का सुंदर वर्णन किया गया है। इस अध्याय में शौनक आदि ऋषि सूत जी महाराज से कार्तिक मास में दीपदान की महिमा सुनाने की प्रार्थना करते हैं। सूत जी महर्षि जैमिनि और वेदव्यास जी के संवाद के माध्यम से एक अत्यंत अद्भुत कथा सुनाते हैं। 🪔 एक छोटे से चूहे को कैसे मिला वैकुण्ठ धाम? प्राचीन समय में वैकुण्ठ नामक एक धर्मपरायण ब्राह्मण भगवान श्रीहरि की नित्य आराधना किया करते थे। कार्तिक मास में एक दिन उन्होंने भगवान विष्णु के मंदिर में श्रद्धापूर्वक घी का दीपक प्रज्वलित किया। रात्रि के समय एक छोटा चूहा उस दीपक के पास घी खाने के लिए पहुँचा। उसकी हलचल से दीपक की बत्ती हिल गई और लौ पहले से अधिक तेज हो उठी। चूहा भयभीत होकर वहाँ से भाग गया, लेकिन उसे यह ज्ञात नहीं था कि अनजाने में हुई यह घटना उसके जीवन की दिशा बदलने वाली थी। कुछ समय बाद सर्पदंश से उस चूहे की मृत्यु हो गई। जब यमदूत उसके जीव को लेने पहुँचे, तभी भगवान विष्णु के दिव्य पार्षद प्रकट हुए। विष्णुदूतों ने कार्तिक मास में भगवान श्रीहरि के सामने प्रज्वलित दीपक की महिमा बताते हुए उस छोटे जीव को यमदूतों से मुक्त कराया और दिव्य विमान में बैठाकर भगवान के परमधाम की ओर ले गए। कथा में आगे उस जीव के राजकन्या के रूप में पुनर्जन्म का भी वर्णन मिलता है। यह पावन प्रसंग भगवान श्रीहरि की असीम कृपा, भक्ति और कार्तिक मास में दीपदान की महिमा का सुंदर संदेश देता है। 🌸 इस तृतीय अध्याय में जानिए: 🪔 कार्तिक मास में दीपदान की महिमा क्या है? 🙏 वैकुण्ठ ब्राह्मण और भगवान विष्णु की अद्भुत कथा। 🐭 एक छोटे से चूहे की अनजाने में हुई सेवा का पौराणिक प्रसंग। 🌺 यमदूत और विष्णुदूत के बीच हुआ दिव्य संवाद। ✨ भगवान श्रीहरि के धाम की प्राप्ति और पुनर्जन्म की कथा। 🌼 कार्तिक मास का आध्यात्मिक संदेश सनातन धर्म की परंपरा में कार्तिक मास भगवान श्रीहरि की आराधना, दीपदान, तुलसी पूजन, नामस्मरण और सत्कर्म का विशेष अवसर माना गया है। दीपक का प्रकाश हमें बाहरी अंधकार के साथ मन के अज्ञान और नकारात्मकता को दूर करने की प्रेरणा देता है। सच्ची भक्ति का आधार श्रद्धा, विनम्रता, निस्वार्थ सेवा और भगवान के प्रति प्रेम है। 🙏 आइए, इस पावन कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण करें और भगवान श्रीहरि के चरणों में अपना मन समर्पित करें। ❤️ यदि यह कथा आपको अच्छी लगे तो वीडियो को Like करें, अपने परिवार और मित्रों के साथ Share करें तथा कार्तिक मास के अगले अध्याय सुनने के लिए चैनल को Subscribe करें। 💬 कमेंट में प्रेमपूर्वक लिखें — जय श्री राधे! जय श्री हरि! 🙏 🌺 PujaSarthi — वेद विज्ञान और परंपरा का अद्भुत संगम PujaSarthi पर सुनिए कार्तिक मास की सम्पूर्ण अध्यायवार कथा, भक्त चरित्र, श्रीकृष्ण लीलाएँ, पौराणिक कथाएँ, व्रत कथाएँ, भजन, आरती और पवित्र स्तोत्र। 🌐 PujaSarthi से जुड़ें 🌺 Official Website: https://www.pujasarthi.com/ 🌿 Spiritual Services & Bhajans: https://www.pujasarthi.in/ 📱 Download PujaSarthi App: https://play.google.com/store/apps/de... 🔵 Facebook:   / pujasarthiindia   💼 LinkedIn:   / pujasarthi   📖 कथा: श्री कार्तिक मास माहात्म्य – तृतीय अध्याय 🪔 विषय: दीपदान की महिमा एवं चूहे की वैकुण्ठ प्राप्ति की कथा 🌸 जय श्री राधे कृष्ण! जय श्री लक्ष्मीनारायण! #KartikMaasKatha #KartikMaasMahima #KartikMahatmya #DeepDaanKiMahima #KartikMaasAdhyay3 #VishnuBhakti #BhagwanVishnu #VaikunthDham #SanatanDharma #PujasarthiIndia