कीचक की वासना - विराट पर्व (दादा लख्मी कृत) | Raag Ragini Sangam | सुधीर गौड़
Raag Ragini Sangam
0:00 / 0:00
कीचक की वासना - विराट पर्व (दादा लख्मी कृत) | Raag Ragini Sangam | सुधीर गौड़
2 581 просмотр · 3 дн. назад
Raag Ragini Sangam
24,6 тыс. подписчиков
2 581 просмотр · 3 дн. назад
Join this channel to get access to perks:
/ @raagraginisangam
Music: Bensound
Artist: Benjamin Tissot
License code: PNHUDOYSEOPFDIXP
किस्सा - विराट पर्व
kiss - Viraat Parv
Keechak Daruapdi Sanwad
Kichak Sarendhri Sanwad
ल्या दूँ तरह तरह कीचीज़ परी, के भुगतै सै टोटे में
एक बै महल में, चालिए
Lya dun trah trah ki cheej pari, ke bhug te se tote me
ek be mehal me chaliye
Dada lakhmichand
Master satbir singh
ॐ नारायण नारायण नारायण 🙏🙏
इस चैनल के माध्यम से हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का प्रयास जिसमें मुख्य केंद्र बिंदु हरियाणा की लोकधुनें जो समय की धूल में कहीं खो गयी हैं, को संकलित करने का है। गुणीजनों से जिनके पास से ये सब मिल पाएगा, हमारे संपर्क में हैं। जल्दी ही ये कार्य आरम्भ हो जाएगा, जिसके लिए आपका सहयोग अनिवार्य है, कृपा चैनल को सब्सक्राइब कीजिये।
#HaryanviRagni #Haryanvi #Haryana
#RaagRaginiSangam #SudhirGaur
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Support us via
Patreon-- / raagraginisangam
UPI-- sudgaur@icici
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम् ।
महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते ।।१।।
प्रभो शक्तिमन् हिन्दु राष्ट्राङ्गभूता
इमे सादरं त्वां नमामो वयम्
त्वदीयाय कार्याय बद्धा कटीयं
शुभामाशिषं देहि तत्पूर्तये ।
अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिं
सुशीलं जगद्येन नम्रं भवेत्
श्रुतं चैव यत्कण्टकाकीर्ण मार्गं
स्वयं स्वीकृतं नः सुगं कारयेत् ।।२।।
समुत्कर्ष निःश्रेयसस्यैकमुग्रं
परं साधनं नाम वीरं व्रतम्
तदन्तः स्फुरत्वक्षया ध्येयनिष्ठा
हृदन्तः प्रजागर्तु तीव्राऽनिशम् ।
विजेत्री च नः संहता कार्यशक्तिर्
विधायास्य धर्मस्य संरक्षणम् ।
परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रं
समर्था भवत्वाशिषाते भृशम् ।।३।।
।। भारत माता की जय ।।
raag ragini sangam
Haryanvi Lokdhun
Haryanvi Ragni
Haryanvi Kisse
Haryanvi Literature
Haryanvi Culture
Haryanvi Saang
Haryanvi Chutkule
Haryanvi Makhol
Haryanvi Saang Ki Dhun
New Hit Ragni,
Ragini Competition,
Superhit Ragani,
Haryanvi Bhajan,
Updesh Ragni,
Sadabahar Ragni,
Dharmik Ragni Competition,
Haryana Competition Ragani