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बौद्ध धर्म में श्रावण पूर्णिमा का महत्व | वर्षावास और पवारणा की पूरी कहानी| #buddha #education #edit

Parivartan Mission channel

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बौद्ध धर्म में श्रावण पूर्णिमा का महत्व | वर्षावास और पवारणा की पूरी कहानी| #buddha #education #edit

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बौद्ध धर्म में श्रावण पूर्णिमा का क्या महत्व है? श्रावण पूर्णिमा बौद्ध परंपरा में वर्षावास (वस्सावास), संघ-जीवन, धम्म साधना और पवारणा जैसी महत्वपूर्ण परंपराओं से जुड़ी हुई है। इस वीडियो में हम जानेंगे कि भगवान बुद्ध के समय वर्षा ऋतु में भिक्षु एक स्थान पर क्यों रहते थे और वर्षावास का बौद्ध संघ के जीवन में क्या महत्व था। वर्षावास केवल वर्षा से बचने की व्यवस्था नहीं थी, बल्कि यह ध्यान, धम्म-अध्ययन, विनय पालन, आत्मचिंतन और साधना का महत्वपूर्ण समय था। वर्षावास के समापन से जुड़ी पवारणा परंपरा भिक्षुओं को अपने आचरण की समीक्षा और सुधार का अवसर देती थी। इस वीडियो में जानिए— 🔹 बौद्ध धर्म में श्रावण पूर्णिमा का महत्व 🔹 वर्षावास या वस्सावास क्या है? 🔹 भगवान बुद्ध ने वर्षावास की परंपरा क्यों स्थापित की? 🔹 वर्षावास में भिक्षुओं का जीवन कैसा होता था? 🔹 पवारणा क्या है और इसका महत्व क्या है? 🔹 संघ और गृहस्थ उपासकों का संबंध 🔹 श्रावण पूर्णिमा से जुड़ी बौद्ध परंपराएँ 🔹 आज के जीवन में वर्षावास से मिलने वाली प्रेरणा यह वीडियो बौद्ध इतिहास, भगवान बुद्ध के धम्म, त्रिपिटक परंपरा और बौद्ध संघ की जीवन-पद्धति को समझने के लिए उपयोगी है। नमो बुद्धाय 🙏 नमो धम्माय 🙏 नमो संघाय 🙏 वीडियो पसंद आए तो Like 👍 | Share ↗️ | Comment 💬 | Subscribe 🔔 जरूर करें। Hashtags #श्रावणपूर्णिमा #बौद्धधर्म #वर्षावास #पवारणा #बुद्ध #गौतमबुद्ध #बौद्धइतिहास #बुद्धधम्म #BuddhistDharma #Buddha #Buddhism #Vassavasa #Pavarana