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जंतर-मंतर बंद, आखिर कहाँ बोलेगी जनता? | अपूर्वानंद #harkara

Harkara हरकारा

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जंतर-मंतर बंद, आखिर कहाँ बोलेगी जनता? | अपूर्वानंद #harkara

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Harkara हरकारा
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क्या लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए जगह सिमटती जा रही है? जंतर-मंतर पर पाबंदियों, दिल्ली पुलिस की भूमिका और नागरिकों के विरोध करने के संवैधानिक अधिकार को लेकर उठ रहे सवालों पर इस बार हरकारा डीप डाइव में निधीश त्यागी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद से बातचीत की. इस चर्चा में प्रोफेसर अपूर्वानंद ने निषेधाज्ञाओं को चुनौती देने के लिए दायर अपनी याचिका, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की स्वतंत्रता पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदर्शनकारियों को सत्ता के केंद्रों से दूर किया जाएगा, तो वे अपनी बात कहाँ रखेंगे. बातचीत में दिल्ली पुलिस के प्रदर्शनकारियों के प्रति रवैये, जंतर-मंतर और रामलीला मैदान जैसे प्रदर्शन स्थलों की उपलब्धता तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका पर भी चर्चा हुई. क्या बहुमत के आधार पर चुनी गई सरकार मनमानी कर सकती है? लोकतंत्र में जनता की आवाज और विरोध के अधिकार की रक्षा करना क्यों जरूरी है? देखिए प्रोफेसर अपूर्वानंद के साथ यह पूरी बातचीत. हरकारा डीप डाइव — राजनीति, समाज, सत्ता और लोकतंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर विस्तृत चर्चा. वीडियो देखिए, अपनी राय कमेंट में साझा कीजिए और ऐसे ही विश्लेषण के लिए हरकारा के YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें. #Apoorvanand #HarkaraDeepDive #RightToProtest #JantarMantar #IndianDemocracy #Constitution #NidhiishTyagi #Harkara