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महाभारत युद्ध से पहले श्रीकृष्ण और अर्जुन ने यहाँ की थी पूजा! | कुरुक्षेत्र भद्रकाली शक्तिपीठ 🚩

Dharmik Insight

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महाभारत युद्ध से पहले श्रीकृष्ण और अर्जुन ने यहाँ की थी पूजा! | कुरुक्षेत्र भद्रकाली शक्तिपीठ 🚩

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५१ शक्तिपीठों की इस प्रामाणिक और ऐतिहासिक श्रृंखला में आज हम दर्शन करेंगे महाभारत की पावन भूमि पर स्थित—'श्री देवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ' (कुरुक्षेत्र, हरियाणा)। कुरुक्षेत्र को सामान्यतः गीता के उपदेश और महाभारत के भीषण युद्ध के लिए जाना जाता है, परंतु धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की इसी भूमि पर ५१ शक्तिपीठों में से एक अत्यंत जाग्रत और चमत्कारी शक्तिपीठ भी स्थित है। इस वीडियो में जानिए कुरुक्षेत्र भद्रकाली शक्तिपीठ का सम्पूर्ण इतिहास, महाभारत कालीन संदर्भ और पौराणिक रहस्य: • भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से यहाँ माँ सती के दाहिने पैर का 'टखना' (Right Ankle Bone/गुल्फ) गिरा था। • यहाँ की अधिष्ठात्री शक्ति माँ 'सावित्री' (भद्रकाली) और उनके रक्षक भैरव 'स्थाणु' (Sthanu Bhairav) का स्वरूप। • महाभारत युद्ध में विजय प्राप्ति हेतु भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन द्वारा देवी भद्रकाली की विशेष आराधना और रथ के घोड़ों को अर्पित करने का प्रसंग। • मनोकामना पूर्ति पर मिट्टी, चांदी और सोने के प्रतीकात्मक घोड़े चढ़ाने की सदियों पुरानी अनूठी परंपरा का रहस्य। • भगवान श्री कृष्ण और बलराम जी का पवित्र मुंडन संस्कार (चूड़ाकरण) इसी पावन शक्तिपीठ पर सम्पन्न होने का इतिहास। • देवीकूप (पवित्र कुआं), स्थाणु शिव मंदिर और ब्रह्म सरोवर से इस धाम का आध्यात्मिक संबंध। सनातन धर्म के ५१ शक्तिपीठों की इस दिव्य यात्रा से जुड़ने के लिए वीडियो को Like करें, अन्य भक्तों के साथ Share करें और चैनल को Subscribe करें! 🔔 📍 स्थान: झांसा रोड, थानेसर, कुरुक्षेत्र, हरियाणा 🛕 शक्ति: सावित्री (भद्रकाली) | भैरव: स्थाणु 🦶 अंग: दायाँ टखना (गुल्फ) #शक्तिपीठ #कुरुक्षेत्र #भद्रकाली #BhadrakaliKurukshetra #51Shaktipeeth #Kurukshetra #HaryanaTemples #ShaktipeethSeries #SanatanDharma #SanatanGyan #MahabharatHistory #SavitriShakti #SthanuBhairav