Перейти к содержимому

वैदिक हाथ आटा चक्की के लिए सम्पर्क करे for traditional hand chakki- 09828105535

Vedic Bharat वैदिक भारत

0:00 / 0:00

वैदिक हाथ आटा चक्की के लिए सम्पर्क करे for traditional hand chakki- 09828105535

198 864 просмотра · 5 лет назад
Vedic Bharat वैदिक भारत
6,94 тыс. подписчиков
198 864 просмотра · 5 лет назад
वन्देमातरम मित्रो हाथ की चक्की का महत्त्व आज मशीनीकरण ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है। सुबह सुबह योग करते हुए हम आटा चक्की चलाने की सिर्फ एक्टिंग करते है और पेट , कमर की चर्बी कम होती है. दिल स्वस्थ रहता है. क्या ही अच्छा हो अगर ये एक्टिंग ना हो कर असली चक्की हो तो उस कसरत से हमें ताज़ा आटा भी मिल जाएगा ! पहले गांवों में विवाह-शादी के दौरान भी आस-पास के घरों में एक-एक मण गेहूं पीसने के लिए दे दिया जाता था. कभी पूरे परिवार का आटा पीसने वाली चक्की अब कुछेक घर में महज शो पीस व सिर्फ मसाला आदि पीसने के काम आ रही है. कई घरों में तो हाथ की चक्की है ही नहीं.तो आज ही ले आइये. खादी ग्रामोद्योग में यह मिल सकती है . इससे चक्की बनाने वालों को रोज़गार मिलेगा. चक्की लेते वक़्त ज़्यादा मोल भाव ना करे. गरीब व्यक्ति को दान योग्य दान है जिसका लाभ मिलेगा. महिलाओं द्वारा आटा पीसने से शारीरिक कसरत भी जबरदस्त होती थी, जिससे पुराने जमाने की महिलाओं का स्वास्थ्य बनिस्बत आधुनिक महिलाओं की तुलना में बेहरत है. आज विशेष तौर से नई पीढ़ी की अधिकांश महिलाएं कुंठा, तनाव सहित पेट की विभिन्न बीमारियों से पीड़ित है.इसका मुख्य कारण उनकी दिनचर्या अव्यवस्थित होना व शारीरिक श्रम नहीं होना है. पुरुष भी अगर बढे हुए पेट को कम करना चाहते है तो हाथ की चक्की पर रोज़ थोड़ा आटा पिसे. ताजे पिसे हुए आटे में स्वास्थ्य से जुड़े फायदे तो मिलते ही हैं, इसका स्वाद व सुंगध भी बरकरार रहते हैं. शुद्धता के मामले में घरेलू आटा चक्की का आटा शत प्रतिशत खरा होता है। इसके बने आटे में शरीर के लिए पोषण संबंधी सभी आवश्यक तत्व मौजूद रहते हैं। वैसे शरीर को अपना काम करने के लिए 49 पोषक तत्वों की रोजाना आवश्यकता होती है। सबसे बड़ी बात यह कि जब जरूरत हो तब आटा पीस लें। सबसे बड़ा फायदा यह कि फसल के मौसम में पूरे साल के लिए अनाज खरीद लें, जो सस्ता भी पड़ेगा और पूरे साल शुद्ध ताजे आटे की रोटियां का मजा लेंगे। हाथ कि चक्की से हाथ से पिसे गए अनाज में चोकर ज्यादा रहता था लेकिन आजकल बिजली की चक्की से पिसे अनाज का आटा उपयोग में लिया जाता है, जो बहुत बारीक़ पिसा जाता है. ताजा आटा विटामिन बी और विटामिन ई से भरपूर होता है। घर पर पिसे आटे की रोटियों का आनंद ही कुछ और होता है। इससे परिवार की सेहत के साथ-साथ आत्मसंतुष्टि भी प्राप्त हो रही है. मशीन चक्की से अनाज का हीर हट जाता है अर्थात उसकी शक्ति क्षीण हो जाती है।, जिससे आज की तमाम युवा पीढ़ी कमजोर होती जा रही है. जय प्रकाश चौधरी 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 बेयरिंग वाली हाथ आटा चक्की के लिए संपर्क करें Call&WhatsApp -09828105535 मुल्य 6000+ किराया ।