गुरु जसनाथ जी की दिव्य ज्योति गुरु हंसोजी में जागृत हुई। Part 13 । Hansoji Maharaj । Jasnath ji ।
Aadeshguruu
0:00 / 0:00
गुरु जसनाथ जी की दिव्य ज्योति गुरु हंसोजी में जागृत हुई। Part 13 । Hansoji Maharaj । Jasnath ji ।
3 735 просмотров · 3 недели назад
Aadeshguruu
547 подписчиков
3 735 просмотров · 3 недели назад
|| LIKE || SUBSCRIBE || COMMENT || SHARE ||
सिद्धेश्वर श्री जसनाथ जी महाराज द्वारा प्रतिपादित सनातन धर्म संस्कृति को सुदृढ़ करने वाले जसनाथी संप्रदाय के 36 नियम....
1 जो कोई जात हुए जसनाथी -- जसनाथी धर्म को अपनाने वाला व्यक्ति उत्तम कर्म करे।
2 उत्तम करणी राखो आछी--सदा अच्छे और नेक कार्य करना।
3 राह चलो धर्म अपना रखो-- अपने धर्म और नैतिकता के मार्ग पर अडिग रहना।
4 भूख मरो पण जीव न भखो-- मांसाहार का पूर्ण निषेध, अहिंसा का पालन।
5 शील स्नान सांवरी सूरत-- शारीरिक स्वच्छता और नित्य स्नान करना।
6 जोत पाठ परमेश्वर मूरत-- परमेश्वर की भक्ति और ज्योत की उपासना करना।
7 होम जाप अग्नि सुर पूजा-- अग्नि में हवन और जाप के माध्यम से ईश्वर की पूजा।
8 अन्य देव मत मानो दूजा-- परमेश्वर के अलावा किसी दूसरे में आस्था ने रखे।
9 ऐठें मुख पर फूँक न दीजो-- जूठे मुख से अग्नि को फूंक मारकर अपमानित न करना।
10 निकमी बात कालमत कीजो-- व्यर्थ के प्रलाप और बेकार की बातों से बचना।
11 मुख से राम नाम गुण लीजो-- मुख से सदैव ईश्वर (रामजी) का नाम लेना।
12 शिव शंकर को ध्यान धारीजो-- ईश्वर (शिव जी)के ध्यान में मन को लगाना।
13 कन्या दान कदे नहीं लीजो-- कन्या का विक्रय न करना (दहेज या मोल लेना पाप है)।
14 ब्याज वसे वो दूर करीजो-- सूदखोरी से दूर रहना और ब्याज न लेना।
15 गुरु की आशा विसवंत बांटो-- गुरु की आज्ञा का पालन कर कमाई का कुछ हिस्सा दान करे।
16 काया लगे नहीं अग्नि कांटो-- धर्म का पालन करने वाले को कोई बाधा नहीं आती।
17 होको तमाखु पीजे नहीं-- धूम्रपान और नशीले पदार्थों का सेवन वर्जित है।
18 लसन अरि भांग दूर हटाई-- तामसिक भोजन और नशीली वस्तुओं का त्याग।
19 साटिये सोदा वर्जित ताई-- पशुओं को कसाइयों के हाथों न बेचना।
20 बेल बढावन पावे नाहीं-- पशु क्रूरता रोकना, बछड़ों को बधिया न करना।
21 मृघां वन रखत कराई-- वन्य जीवों की रक्षा करना।
22 घोटा बकरा ठाठ सवाई-- बेजुबान जानवरों के लिए थाट (रहन-सहन) की व्यवस्था।
23 दया धर्म सदा ही मन भाई-- प्राणिमात्र के प्रति दया भाव रखना।
24 घर आया सतकार सदाई-- घर आए अतिथि का सम्मान करना।
25 भूरी जटा सिर पर रखीजे-- झड़ूला (केश) संस्कार का पालन करना।
26 गुरु मंत्र हृदय में धरीजे-- गुरु मंत्र को हमेशा हृदय में धारण करना।
27 देही भोम समाधी लीजे-- दाह संस्कार के बजाय समाधि की परंपरा का पालन।
28 दूध नीर नित्य छाण रखीजे-- शुद्ध और छानकर ही दूध या जल का सेवन करना।
29 निंदा कूड़ कपट नहीं कीजे-- किसी की बुराई न करना और मन में कपट न रखना।
30 चोरी जारि पर हर न दीजे-- पराई वस्तु या पराई स्त्री पर कुदृष्टि न डालना।
31 रजश्वाला नारी दूर करीजे-- मासिक धर्म के दौरान शुचिता का ध्यान रखना।
32 हाथ उसी का जल नहीं लीजे-- शुचिता के नियमों का कड़ाई से पालन करना।
33 काला पानी पीजे नाहीं-- मद्यपान (शराब) का पूर्ण निषेध।
34 नाम उसी का लीजै नाहीं-- मद्यपान की चर्चा भी न करना।
35 दस दिन सूतक पाले भाई-- जन्म-मरण के समय 10 दिन के सूतक के नियमों का पालन
36 कुल की काट करीजे नाहीं-- अपनों की टांग खिंचाई या बुराई न करना (एकता बनाए रखना)।
गुरु हंसोजी महाराज का जीवन परिचय
श्री जसनाथ जी महाराज इतिहास भाग 13
जसनाथी संप्रदाय और हंसोजी महाराज
गुरु हंसोजी महाराज का इतिहास / जीवन चरित्र
Guru Hansoji Maharaj Katha / Jeevan Rahasya
जसनाथ जी महाराज और हंसोजी महाराज
Jasnath Ji Maharaj Part 13
Jasnathi Sampraday Itihaas
हंसोजी महाराज का परचा / कथा
कतरियासर जसनाथ जी महाराज
#jasnathji #history #devotional #hansoji
चैनल का नाम: Aadeshguruu
विवरण: जय श्री जसनाथ जी महाराज! 🙏
यह चैनल पूर्णतः श्री जसनाथ जी महाराज की पावन लीलाओं, उनके चमत्कारों और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य के मार्ग को समर्पित है।
अग्नि में प्रगट हुए सिद्ध शिरोमणि श्री जसनाथ जी महाराज ने कतरियासर की पावन धरा पर मानवता, सेवा और भक्ति का जो संदेश दिया, उसे जन-जन तक पहुँचाना ही हमारा उद्देश्य है। इस चैनल पर आपको देखने को मिलेगा:
श्री जसनाथ जी महाराज की जीवनी: उनके जन्म से लेकर समाधि तक की अलौकिक गाथाएं।
आदिशक्ति माता कालल्दे और माता प्यारल दे जी: भक्ति और त्याग की प्रतिमूर्ति माताओँ का जीवन परिचय और उनकी महिमा।
प्रमुख शिष्यों का इतिहास: हरोजी महाराज, हंसोजी महाराज, पालोजी महाराज, देवोजी महाराज, रुस्तम जी महाराज, और टोडर जी महाराज जैसे महान सिद्ध पुरुषों की अद्भुत कथाएं और उनके चमत्कार।
जसनाथी संप्रदाय: नियम, परंपराएं, अग्नि नृत्य और संस्कृति की जानकारी।
हमारा प्रयास है कि महान संतों की वाणी और उनकी शिक्षाएं नई पीढ़ी तक पहुँचे और समाज में प्रेम, शांति और भाईचारा बढ़े।
चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकॉन जरूर दबाएं ताकि कोई भी वीडियो आपसे न छूटे।
! जय हो सिद्धेश्वर श्री जसनाथजी महाराज की !