स्वयमेव इस जगत का सब काम हो रहा है//अंतर्ध्वनि चतुर्थ पुष्प//रचना एवं स्वर - पं. संजीव जैन उस्मानपुर
Antardhwani
0:00 / 0:00
स्वयमेव इस जगत का सब काम हो रहा है//अंतर्ध्वनि चतुर्थ पुष्प//रचना एवं स्वर - पं. संजीव जैन उस्मानपुर
77 518 просмотров · 3 года назад
Antardhwani
12,6 тыс. подписчиков
77 518 просмотров · 3 года назад
" अंतर्ध्वनि चतुर्थ पुष्प"
स्वयमेव इस जगत का सब काम हो रहा है
लेखक - पण्डित संजीव जैन उस्मानपुर
स्वर - पंडित संजीव जैन उस्मानपुर
सहयोगी स्वर - श्री मति चेतना शुक्ला