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सेशन जज का बड़ा फैसला| शास्त्रों के सबूतों की जांच | आखिर क्यों बने संत रामपाल जी महाराज के अनुयाई?

Satlok Tv 24

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सेशन जज का बड़ा फैसला| शास्त्रों के सबूतों की जांच | आखिर क्यों बने संत रामपाल जी महाराज के अनुयाई?

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पूर्व सेशन जज का बड़ा बयान, एक साल की रिसर्च के बाद लिया निर्णय! आध्यात्मिक जगत से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एक पॉडकास्ट के दौरान पूर्व सेशन जज कुशल पाल सेंगर ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने संत रामपाल जी महाराज द्वारा बताए जा रहे आध्यात्मिक ज्ञान का लगभग एक वर्ष तक गहन अध्ययन किया। पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भावनात्मक आवेग में आकर नहीं, बल्कि शास्त्रों के प्रमाणों के आधार पर हर तथ्य को परखा। गीता, वेद, उपनिषद सहित विभिन्न धर्मग्रंथों के संदर्भों का मिलान किया गया। सत्संगों को नियमित रूप से सुना गया और बताए गए तत्वज्ञान की स्वयं जांच की गई। उनके अनुसार, पूरे एक वर्ष तक चले अध्ययन और विश्लेषण के बाद उन्हें यह अनुभव हुआ कि प्रस्तुत किया जा रहा ज्ञान शास्त्रों के उद्धरणों पर आधारित है। इसके बाद उन्होंने स्वयं नाम उपदेश लेने का निर्णय लिया। पॉडकास्ट में यह बयान सामने आते ही चर्चा तेज हो गई। न्यायिक पृष्ठभूमि से जुड़े व्यक्ति द्वारा इस तरह सार्वजनिक रूप से अपने अध्ययन और निर्णय का उल्लेख करना कई लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ है। यह खुलासा अब सोशल मीडिया और आध्यात्मिक मंचों पर बहस का विषय बन गया है। समर्थक इसे शास्त्र आधारित अध्ययन का परिणाम बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे व्यक्तिगत आस्था का निर्णय मान रहे हैं। फिलहाल, यह बयान आध्यात्मिक जगत में एक नई चर्चा को जन्म दे चुका है और लोग पूरे पॉडकास्ट को सुनकर स्वयं समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या था उस अध्ययन में, जिसने एक पूर्व जज को इतना बड़ा निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।