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💥आत्मा और देह के सुख में क्या अंतर है?अतींद्रिय सुख भोगने वाली आत्माएँ बाप को पहले क्यों पहचानती हैं

SmritiLabdha AVYAKT MURTI

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💥आत्मा और देह के सुख में क्या अंतर है?अतींद्रिय सुख भोगने वाली आत्माएँ बाप को पहले क्यों पहचानती हैं

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SmritiLabdha AVYAKT MURTI
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💫💥 ★ `आत्मा और देह के सुख में क्या अंतर है? अतींद्रिय सुख भोगने वाली आत्माएँ बाप को पहले क्यों पहचानती हैं…?!` 💥💫 Follow the ➶नष्टो मोहः ⚡स्मृतिर्लब्धा ✨ — ⭐⭐⭐⭐⭐ 💫➷🌻 channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VbBN... ```🇻‌🇨‌🇩‌:}» 𝟐𝟗𝟖𝟖---समय:}»⏰(37:57 ~ 41:46)---(𝐈𝐦𝐩𝐨𝐫𝐭𝐚𝐧𝐭.𝐏𝐨𝐢𝐧𝐭) ★ और आत्मा को भी जान लेते हैं कि हम कौन-सी आत्मा हैं? अतींद्रिय सुख भोगने वाली है, अ वो आत्मा है जो विष्णुवंशी कही जाती, विष्णु लोक की सुख भोगने वाली आत्मा वो है या विष्णु लोक का सुख हमारे नसीब में नहीं है? ★ अपने शरीर से, देह से, देह जो स्थूल है ना? हाँ, ये भी रहे और हमारी आत्मा भी रहे, तो जिनका स्थूल शरीर नहीं रहता है, शरीर यहीं छोड़ देते हैं, फिर सूक्ष्म शरीर भले धारण करते, तो वो सतयुग में जाके क्या करेंगे? ★ सोलह कला संपूर्ण सुख भोगेंगे। शरीर से, स्थूल देह से भोगे ना? हाँ, भोगेंगे, तो कहेंगे कि हाँ, कि भाई आत्मा को जाना। ★ तो दोनों कैटेगरी की जो आत्माएँ हैं, उनमें पहले कौन जानेगा? एक वो आत्मा जो पहले जन्म में अतींद्रिय सुख भोगती है और दूसरी वो कैटेगरी की आत्मा, जो अतींद्रिय सुख भोगते ही नहीं, सतयुग में जाके देह का, देह की इंद्रियों का सुख भोगना शुरू करते हैं। ★ तो उनमें पहले कौन जानेंगे? हैं? अरे, हाँ, अतींद्रिय सुख भोगने वाले जो हैं, वो पहले जानेंगे आत्मा को और अपने बाप को। ★ तो बाप तो बैठकर के समझाते हैं। क्या? ऐसे नहीं कि बाप सिर्फ सुनाई के चले जाते हैं। अब तुम कान से सुन लेते हो, दूसरों को सुनाई देते हो, बस पढ़ाई पूरी हो गई? नहीं। ★ बाप तो क्या करते हैं? पहले सुनाते हैं, फिर जैसे माँ होती है ना, तो छोटे बच्चों को लोरी सुनाती है और जो लोरी सुनाती है, उसके अर्थ को बच्चा गहराई से नहीं जानता। ★ फिर जो बाप है, वो तो टीचर बन करके समझाते भी हैं। हाँ, करके समझाते। तो बाप के बगैर तो कोई समझा ही नहीं सकते। ★ कोई कहे, हमारी अम्मा ने समझाया। अम्मा तो पूरी गहराई की बात है, समझा ही नहीं सकती। क्यों? क्यों नहीं समझा सकती? क्योंकि अम्मा तो घर संभालती है। ★ और बाप, बाप तो ज्यादा अनुभवी होता है। उसका अनुभव का दायरा ज्यादा होता है, माँ की तरह छोटा दायरा होता है। तो बाप के बगैर कोई नहीं समझा सकता। ★ यह आत्मा ऐसी छोटी है और ऐसी आत्मा में ये-ये पार्ट अनेक जन्मों के भरे हुए हैं। ये दुनिया तो कोई भी नहीं जानती है इन अक्षरों से। किन अक्षरों से? ★ यह जो अम्मा के द्वारा, ब्रह्मा के द्वारा, जो अक्षर बोले गए, ब्रह्मा दादा लेखराज के द्वारा जो वाक्य बोले गए, उन अक्षरों को दुनिया गहराई से समझती-जानती है? नहीं।``` ​#AtmaAurDehKaSukh #AtindriyaSukh #AdhyatmikGyan #VCD2988 #ShivBaba #SpiritualKnowledge #GodlyKnowledge #AdvancePartyVCD #DeepSpiritualTruth #ViralSpiritualVideo #SoulAwakening ) ​आत्मा और देह के सुख में क्या अंतर है, अतींद्रिय सुख क्या है, अतींद्रिय सुख भोगने वाली आत्माएं, बाप की पहचान कैसे होती है, VCD 2988, Advance Party VCD, Spiritual Knowledge in Hindi, Soul vs Body happiness, Adhyatmik Gyan VCD, Shiv Baba Gyan, Brahma Kumaris VCD, Deep Gyan VCD, Spiritual Truth Hindi, Latest VCD 2988.