Hinglaj Mata Mandir | India हिंगलाज माता मंदिर सिवाना बाड़मेर | भारत | Rajasthan
Kishan Goli
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Hinglaj Mata Mandir | India हिंगलाज माता मंदिर सिवाना बाड़मेर | भारत | Rajasthan
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उपलब्ध स्थानीय विवरणों के अनुसार यह मंदिर सिवाना से लगभग 12 किमी दूर छप्पन की पहाड़ियों की कोयलिया गुफा में स्थित है। यहां माता की अष्टभुजी सिंहवाहिनी प्रतिमा विराजमान मानी जाती है। एक प्रकाशित विवरण में मंदिर के निर्माण का संबंध सिवाना के राजा वीरसेन से बताया गया है और यहां पुजारी परंपरा में पुरी संन्यासियों का उल्लेख मिलता है। 
यह मंदिर सामान्य खुले भवन की बजाय पहाड़ी/गुफानुमा प्राकृतिक स्थान में होने के कारण विशेष माना जाता है। सिवाना हिंगलाज मंदिर के बारे में स्थानीय श्रद्धा-कथाओं में माता की शक्ति और चमत्कारों से जुड़ी कई मान्यताएं भी प्रचलित हैं।
🌺 माँ हिंगलाज के प्रकट होने की कथा
बहुत पुराने समय की बात मानी जाती है। सिवाना की छप्पन की पहाड़ियों में एक हिगोला नाम का राक्षस रहता था। स्थानीय मान्यता के अनुसार वह इतना शक्तिशाली और अत्याचारी था कि आसपास के लोग उसके आतंक से परेशान थे। 
लोगों ने माता से रक्षा की प्रार्थना की। तब मान्यता है कि उसी पहाड़ी के अंदर से भयंकर गर्जना के साथ पत्थर को फाड़कर माँ हिंगलाज प्रकट हुईं और उन्होंने हिगोला राक्षस का वध कर दिया। 
🪨 “हाथिया घड़ा” की कहानी
माता के प्रकट होने के समय पहाड़ के बड़े-बड़े पत्थर चारों तरफ बिखर गए। उनमें से एक बहुत विशाल पत्थर पहाड़ी से नीचे की ओर लुढ़कने लगा।
नीचे बस्ती थी और लोग डरकर भागने लगे। लोककथा के अनुसार, तब माता ने अपने हाथ से उस विशाल पत्थर को रोक दिया और लोगों को भयभीत होकर स्थान छोड़ने के बजाय वहीं रहने और माता की पूजा करने का आशीर्वाद दिया। 
इसी कारण उस पत्थर को स्थानीय रूप से “हाथिया घड़ा” यानी माँ के हाथ से रोका हुआ पत्थर कहा जाता है। स्थानीय कथा में यह भी कहा जाता है कि बाद में जोधपुर नरेश ने इसकी वास्तविकता जानने के लिए पत्थर के नीचे से रस्सी निकालने का प्रयास करवाया था।
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