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मायके से ससुराल चली मां नंदा-सुनंदा 😢🙏 | अल्मोड़ा में निकला भव्य डोला | Nanda Devi Mela 2026

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मायके से ससुराल चली मां नंदा-सुनंदा 😢🙏 | अल्मोड़ा में निकला भव्य डोला | Nanda Devi Mela 2026

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मायके से ससुराल चली मां नंदा-सुनंदा 😢🙏 | अल्मोड़ा में निकला भव्य डोला | Nanda Devi Mela 2026 🙏🌺 जय मां नंदा-सुनंदा 🌺🙏 मायके अल्मोड़ा आईं मां नंदा-सुनंदा… और 23 सितंबर 2026 को नम आंखों से हुई उनकी विदाई। क्या सच में मां अपने मायके से अपने ससुराल यानी कैलाश को लौट गईं? इस वीडियो में देखिए मां नंदा-सुनंदा की इसी भावुक विदाई की पूरी कहानी। 🙏🚩 देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में ऐतिहासिक नंदा देवी मेला 2026 कई दिनों तक श्रद्धा, भक्ति और लोक संस्कृति से सराबोर रहा। मान्यता और लोकपरंपरा में मां नंदा को पहाड़ की बेटी माना जाता है। नंदा देवी मेले को मां के मायके आने और फिर विदाई लेकर ससुराल जाने के भाव से भी जोड़ा जाता है। कुमाऊं की इस अनोखी परंपरा में मां नंदा-सुनंदा का कदली वृक्ष से निर्मित स्वरूप तैयार किया जाता है। कई दिनों तक पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दर्शन के बाद आता है वह भावुक क्षण, जब मां को विदाई दी जाती है। 23 सितंबर 2026 को चंद वंशज युवराज नरेंद्र चंद्र राज सिंह जी द्वारा मां नंदा-सुनंदा का विदाई पूजन किया गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां का डोला मंदिर प्रांगण से नगर भ्रमण के लिए निकला। मां का डोला अल्मोड़ा के विभिन्न बाजारों और मार्गों से होकर गुजरा। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए, जयकारे लगाए और पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद लिया। पूरा अल्मोड़ा “जय मां नंदा-सुनंदा” के जयकारों से गूंज उमां का डोला अल्मोड़ा के विभिन्न बाजारों और मार्गों से होकर गुजरा। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए, जयकारे लगाए और पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद लिया। पूरा अल्मोड़ा “जय मां नंदा-सुनंदा” के जयकारों से गूंज उठा मां का डोला अल्मोड़ा के विभिन्न बाजारों और मार्गों से होकर गुजरा। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए, जयकारे लगाए और पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद लिया। पूरा अल्मोड़ा “जय मां नंदा-सुनंदा” के जयकारों से गूंज उठा।। मां का डोला अल्मोड़ा के विभिन्न बाजारों और मार्गों से होकर गुजरा। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए, जयकारे लगाए और पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद लिया। पूरा अल्मोड़ा “जय मां नंदा-सुनंदा” के जयकारों से गूंज उठा।। यह सिर्फ एक शोभायात्रा नहीं थी… यह है एक बेटी की विदाई। ❤️ जैसे पहाड़ में बेटी कुछ दिनों के लिए मायके आती है और फिर विदाई के समय पूरा परिवार भावुक हो जाता है, उसी भाव के साथ श्रद्धालु मां नंदा-सुनंदा को विदा करते हैं। डोला नगर भ्रमण के बाद दुगालखोला क्षेत्र के नौले पहुँचा, जहां मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं का धार्मिक विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। इसके साथ ही अल्मोड़ा के नंदा देवी महोत्सव का समापन हुआ। 🌺 क्या मां सच में अपने ससुराल जा रही हैं? लोक विश्वास में मां नंदा को हिमालय की बेटी और भगवान शिव की अर्धांगिनी पार्वती के स्वरूप से जोड़ा जाता है। इसलिए उनकी विदाई को केवल प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं, बल्कि मायके से ससुराल की भावुक विदाई के रूप में देखा जाता है। मां कुछ दिनों के लिए अपने मायके आती हैं… अल्मोड़ा उन्हें बेटी की तरह अपनाता है… और फिर डोले के साथ उन्हें नम आंखों से विदा करता है। 🙏🥹 यही है देवभूमि उत्तराखंड की खूबसूरत लोक परंपरा, जहां आस्था, संस्कृति और पारिवारिक भावनाएं एक साथ दिखाई देती हैं। इस वीडियो में आपको मां नंदा-सुनंदा के डोले की पूरी यात्रा, भक्तों की आस्था, जयकारे, पुष्प वर्षा, अल्मोड़ा की गलियां और मां की भावुक विदाई के अद्भुत दृश्य देखने को मिलेंगे। 🙏 मां नंदा-सुनंदा सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। 🌺 जय मां नंदा-सुनंदा! 🚩 जय मां भगवती! 🔱 हर हर महादेव! अगर आपको उत्तराखंड की संस्कृति, देवभूमि की धार्मिक परंपराएं और ऐसे वास्तविक जमीनी वीडियो पसंद हैं तो वीडियो को Like 👍, Share ↗️ और Subscribe 🔔 जरूर करें। Rasa Bhai Almora Wale #NandaDeviMela2026 #NandaSunanda #NandaDevi #Almora #AlmoraNandaDevi #Uttarakhand #DevbhoomiUttarakhand #NandaDeviDola #NandaSunandaDola #NandaDeviMela #NandaDeviVisarjan #UttarakhandCulture #KumaoniCulture #Almora2026 #JaiMaaNanda #JaiMaaNandaSunanda #HarHarMahadev #Devbhoomi #Uttarakhandi #NandaDeviFair Disclaimer: यह वीडियो मां नंदा-सुनंदा से जुड़ी स्थानीय लोकपरंपरा, धार्मिक आस्था और 23 सितंबर 2026 को अल्मोड़ा में हुई डोला शोभायात्रा/विदाई के दृश्यों पर आधारित है। धार्मिक मान्यताओं और लोकविश्वासों को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों में परंपराओं और मान्यताओं में अंतर हो सकता है।