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ईश्वर करे हर भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, संवाद और अपनापन बना रहे। 🌸# रक्षाबंधन

bhakti dor

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ईश्वर करे हर भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, संवाद और अपनापन बना रहे। 🌸# रक्षाबंधन

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bhakti dor
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रक्षाबंधन की कोई एक निश्चित ऐतिहासिक “शुरुआत की तारीख” नहीं मिलती। यह बहुत प्राचीन भारतीय परंपरा है, जिसकी जड़ें वैदिक और पौराणिक परंपराओं में दिखाई देती हैं। समय के साथ इसका अर्थ भी विस्तृत हुआ—सुरक्षा, स्नेह, विश्वास और पारिवारिक बंधन के पर्व के रूप 1. इंद्र और इंद्राणी की कथा एक प्राचीन धार्मिक परंपरा में वर्णन मिलता है कि देवासुर युद्ध के समय इंद्र की पत्नी इंद्राणी ने इंद्र की रक्षा के लिए पवित्र सूत्र बाँधा। इसे रक्षा-सूत्र की प्राचीन परंपरा से जोड़ा जाता है। 2. कृष्ण और द्रौपदी की लोकप्रिय कथा लोकप्रिय परंपरा में माना जाता है कि श्रीकृष्ण के हाथ में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपने वस्त्र का एक टुकड़ा बाँधा था। कृष्ण ने उसके स्नेह को याद रखा और संकट के समय उसकी रक्षा की। यह कथा आज भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के भाव से बहुत सुंदर रूप से जोड़ी जाती है। 3. ऐतिहासिक परंपरा मध्यकालीन भारत में भी रक्षा-सूत्र भेजने और बाँधने की परंपराओं के उल्लेख मिलते हैं। बाद के समय में रक्षाबंधन विशेष रूप से भाई-बहन के प्रेम और भाई की मंगलकामना से जुड़ा लोकप्रिय त्योहार बन आज बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है और भाई बहन के प्रति प्रेम, सम्मान और उसके सुख की कामना करता है। लेकिन इसका सबसे सुंदर संदेश केवल “रक्षा” नहीं है— “रिश्ता चाहे कितना भी दूर हो, प्यार की एक छोटी-सी डोर दिलों को फिर से जोड़ सकती है।” ❤️🙏