सरदार दया सिंह का बड़ा बयान: सिखों की आस्था और संविधान पर क्यों उठे सवाल?
The Swatantra
0:00 / 0:00
सरदार दया सिंह का बड़ा बयान: सिखों की आस्था और संविधान पर क्यों उठे सवाल?
62 601 просмотр · 19 часов назад
The Swatantra
401 тыс. подписчиков
62 601 просмотр · 19 часов назад
सरदार दया सिंह का बड़ा बयान | सिखों की आस्था, संविधान और अल्पसंख्यक अधिकारों पर उठे सवाल
चंडीगढ़ में आयोजित महत्वपूर्ण सेमिनार में सरदार दया सिंह ने धार्मिक आस्था, संवैधानिक अधिकारों और देश में बढ़ते सामाजिक तनाव को लेकर अपनी बात रखी।
अपने संबोधन में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी भी समुदाय की धार्मिक आस्था और पहचान पर कोई विचार या व्यवस्था थोपी जानी चाहिए? उन्होंने संविधान में मिले धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकारों को लेकर भी गंभीर सवाल सामने रखे।
‘वंदे मातरम्’ को लेकर जारी बहस के बीच यह सवाल भी अहम है कि देशभक्ति का सम्मान करते हुए क्या हर नागरिक की धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा नहीं होनी चाहिए?
इस वीडियो में सुनिए सरदार दया सिंह की पूरी बात, उनके तर्क और वे सवाल जो आज के भारत में धार्मिक स्वतंत्रता, अल्पसंख्यक अधिकारों और सामाजिक भाईचारे को लेकर बेहद महत्वपूर्ण हैं।
वीडियो पूरा देखें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
#DayaSingh #SardarDayaSingh #VandeMataram #Sikh #MinorityRights #ReligiousFreedom #Constitution #Punjab #Chandigarh #SikhMuslimUnity #IndiaNews
Please support The Swatantra Media
The Swatantra
स्वतंत्र यानी आपका अपना चैनल, आपका अपना तंत्र यानी सिस्टम। स्वतंत्र एक चैनल नहीं एक उम्मीद है, एक कोशिश है जिसमें समाज के हर वर्ग, धर्म और तबके के पीड़ित, वंचित, शोषित और कमज़ोर लोगों की आवाज़ उठाने की प्रतिबद्धता है। ये उस आम जनता की पत्रकारिता की नज़ीर है जिसकी देश की आजादी यानी स्वतंत्रता के बाद बात तो की गई लेकिन उसकी आवाज़ को दिखाने के प्रति उदासीन रवैया दिखाया गया। इस कोशिश में हमें आपका सहयोग नहीं आपकी भागीदारी चाहिए...
For Advertisement and Sponsorship
Email us at
swatantra.digitalnetwork@gmail.com
The Swatantra means your own channel, your own system. The Swatantra is not just a channel; it is a hope, an effort that is committed to raising the voices of the oppressed, marginalized, exploited, and weaker sections of society, regardless of class or religion. It represents journalism for the common people, whose voices were talked about after the country's independence, but there has been a negligent attitude towards showcasing those voices.
#news #journalists #theswatantra