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geeta ke dusre adhyay ka 40 va shlok सही दिशा में किया गया प्रयास कभी नष्ट नहीं होता

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geeta ke dusre adhyay ka 40 va shlok सही दिशा में किया गया प्रयास कभी नष्ट नहीं होता

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geeta ke dusre adhyay ka 40 va shlok सही दिशा में किया गया प्रयास कभी नष्ट नहीं होता नमस्कार दोस्तों। आज की इस वीडियो में हम आपको श्रीमद्भगवद्गीता के दूसरे अध्याय यानी सांख्य योग के 40वें श्लोक के बारे में बताएंगे। यह श्लोक हमें एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात सिखाता है कि जीवन में सही दिशा में किया गया कोई भी प्रयास व्यर्थ नहीं जाता। कई बार हम किसी काम को शुरू करते हैं, मेहनत करते हैं, लेकिन जब हमें तुरंत परिणाम नहीं मिलता तो हम सोचने लगते हैं कि हमारी मेहनत बेकार जा रही है। कई बार हमें लगता है कि हमने जो थोड़ा-सा प्रयास किया उसका कोई फायदा नहीं हुआ। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण इस श्लोक के माध्यम से हमें बताते हैं कि सही कर्म और सही दिशा में किया गया प्रयास कभी नष्ट नहीं होता। इस श्लोक को अच्छे से समझने के लिए वीडियो को आखिर तक जरूर देखिए। चलिए अब सबसे पहले श्रीमद्भगवद्गीता के इस श्लोक को जानते हैं। #geeta #geetashlok