श्री शिव महापुराण विधेश्वरसहिंता अध्याय 18 | Full Shiv Puran Hindi Shiv Puran Katha By Riteshvurkude
Ritesh V Urkude - Puran katha
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श्री शिव महापुराण विधेश्वरसहिंता अध्याय 18 | Full Shiv Puran Hindi Shiv Puran Katha By Riteshvurkude
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श्री शिव महापुराण विधेश्वरसहिंता अध्याय 18 | Full Shiv Puran Hindi Shiv Puran Katha By Riteshvurkude
शिव महापुराण की विद्येश्वरसंहिता के इस पवित्र अध्याय में रुद्राक्ष धारण की महिमा और उसके विभिन्न भेदों का विस्तृत वर्णन किया गया है। रुद्राक्ष को भगवान शिव का स्वरूप माना गया है, जिसके दर्शन, स्पर्श और जप से समस्त पापों का नाश होता है तथा भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
हर हर महादेव! 🕉️
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शिव पुराण की प्रमुख संहिताएं (खंड)
विद्येश्वर संहिता: इसमें शिव महिमा, पार्थिव पूजन और ॐ नमः शिवाय मंत्र का महत्व बताया गया है।
रुद्र संहिता: इसमें शिव-पार्वती विवाह, कार्तिकेय जन्म और शिव लीलाओं का वर्णन है।
शतरुद्र संहिता: भगवान शिव के विभिन्न अवतारों और उनके रहस्यों का वर्णन है।
कोटि रुद्र संहिता: द्वादश ज्योतिर्लिंगों (12 ज्योतिर्लिंग) की कथा और उनके महात्म्य का विवरण है।
उमा संहिता: माता उमा (पार्वती) के चरित्र, तपस्या और ज्ञान का वर्णन है।
कैलाश संहिता: ध्यान, योग, मोक्ष मार्ग और शिव प्राप्ति के साधनों का वर्णन है।
वायवीय संहिता: ज्ञान, योग, ईशान कल्प और शिव भक्ति की महिमा का विस्तृत विवेचन है।
मुख्य कथाएं और प्रसंग
सृष्टि की उत्पत्ति: भगवान सदाशिव ने अपनी शक्ति (उमा/माता जगदंबा) के साथ मिलकर ब्रह्मा और विष्णु को प्रकट किया तथा उन्हें सृष्टि की रचना व पालन का कार्य सौंपा।
सती और शिव कथा: दक्ष प्रजापति के यहाँ माता सती का जन्म, शिव जी से उनका विवाह, दक्ष के यज्ञ में सती का योगाग्नि द्वारा देहत्याग और वीरभद्र द्वारा दक्ष का विध्वंस।
पार्वती विवाह: माता सती का हिमालय के यहाँ पार्वती के रूप में पुनर्जन्म, शिव जी को पाने के लिए कठोर तपस्या और शिव-पार्वती का विवाह।
कार्तिकेय और गणेश जन्म: कार्तिकेय द्वारा तारकासुर का वध तथा श्री गणेश के जन्म और उनके गजानन स्वरूप की कथा।
शिव महिमा व त्रिपुरा वध: असुरों के राजा जालंधर, त्रिपुरासुर और अंधकासुर का वध कर देवताओं को संकट से मुक्त करना।
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