Перейти к содержимому

Panchami Gati Pamu । પંચમી ગતિ પામું.....

Jain Stavan Dhara

0:00 / 0:00

Panchami Gati Pamu । પંચમી ગતિ પામું.....

31 просмотр · 13 дн. назад
Jain Stavan Dhara
3 подписчика
31 просмотр · 13 дн. назад
प्रणाम जय जिनेंद्र ​परम पावन एवं अनंत उपकारी वीतराग देव अरिहंत प्रभु के चरणों में कोटि-कोटि वंदन। ​जिनशासन की पावन परम्परा और संयम पथ को आलोकित करने वाले पूज्य आचार्य भगवंत, पूज्य उपाध्याय भगवंत एवं सर्व साधु भगवंतों को भाववंदना। ----------------------------------------------------------- आशीर्वाद दाता भक्तियोगाचार्य प.पू.आ.भ. श्री यशोविजयसूरीश्वरजी म.सा. शास्त्र संशोधक प.पू.आ.भ. श्री मुनिचंद्रसूरीश्वरजी म.सा. मार्गदर्शक प.पू. पंन्यास प्रवर श्री दिव्यरत्न विजयजी म.सा ----------------------------------------------------------- जिनके उपकारों का ऋण अनंत जन्मो में भी नहीं चुकाया जा सकता ऐसे परम उपकारी माता पिता श्रीमती भँवरीदेवी एवं श्री मुल्तानमलजी दाँतेवाडिया के चरणों में वंदन ------------------------------------------------------------- गीत - पंचमी गति पामु गीतकार - विनोद जैन