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श्रीमद्भगवद्गीता माहात्म्य अध्याय 8 | आधे श्लोक की अद्भुत महिमा | Gita Mahatmya Chapter 8

NEHA SHARMA

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श्रीमद्भगवद्गीता माहात्म्य अध्याय 8 | आधे श्लोक की अद्भुत महिमा | Gita Mahatmya Chapter 8

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NEHA SHARMA
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श्रीमद्भगवद्गीता माहात्म्य के अध्याय 8 में गीता के एक आधे श्लोक की अद्भुत महिमा का वर्णन मिलता है। कथा में ब्राह्मण भावशर्मा, एक विशाल वृक्ष और उसके नीचे रहने वाले दो ब्रह्मराक्षसों का प्रसंग आता है। जब ब्रह्मराक्षसी के मुख से अचानक गीता के आठवें अध्याय का यह आधा श्लोक निकलता है— “किं तद् ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम।” तो उसकी ध्वनि सुनते ही कथा में एक अद्भुत परिवर्तन घटित होता है। इस आधे श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण से पूछा गया है— ब्रह्म क्या है? अध्यात्म क्या है? और कर्म क्या है? आगे भावशर्मा इसी आधे श्लोक को लेकर काशी और गंगाजी के तट पर साधना करता है और भगवान श्रीविष्णु की कृपा प्राप्त करता है। 🙏 पितृ पक्ष के पावन दिनों में गीता माहात्म्य की इस कथा का श्रवण श्रद्धापूर्वक करें। 📖 श्रीमद्भगवद्गीता माहात्म्य — अध्याय 8 🕉️ आठवाँ अध्याय — अक्षरब्रह्म योग ॥ हरिः ॐ ॥ #गीतामाहात्म्य #भगवद्गीता #GitaMahatmya #GitaChapter8 #श्रीमद्भगवद्गीता #अक्षरब्रह्मयोग #पितृपक्ष #सनातनधर्म #गीता #श्रीकृष्ण #विष्णु #भावशर्मा