माँ-बाप जन्म के साथी होते हैं कर्म तो सबके न्यारे होते हैं....
Hindi Sahitya:SeemaSingh
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#शिवमूर्तिकी कहानी-केशर कस्तूरी
Shivmurti ki kahani
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#स्वरसीमासिंह
शिवमूर्ति
शिवमूर्ति (11 मार्च 1950-) का जन्म सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ । वह हिंदी भाषा के कहानीकार और उपन्यासकार हैं ।
शिवमूर्ति प्रबुद्ध लेखक हैं, जिन्होंने स्त्री के उत्पीड़न को, उसके प्रति होने वाले अन्याय को महसूस करके लिखा। उन्होंने नब्बे के दशक में औरत की ज़बरदस्त वकालत करते हुए एक बहुत ही खूबसूरत कहानी लिखी : तिरिया चरित्तर। इसमें मुख्य पात्रा विमली के साथ व्यभिचार करने की मंशा लिए उसका श्वसुर जब अपने कुत्सित उद्देश्य में सफल नहीं होता तो वह समाज के सम्मुख उसे कलंकित घोषित कर देता है. विमली के सच्चरित्र होने पर भी दुश्चरित्र पुरुष-प्रधान समाज द्वारा उसे अंगारों से दाग दिया जाता है. लेखक ने इस कुशलता से विमली जैसे सामर्थ्यवान, सच्चरित्र, उसूलों के पक्के चरित्र को गढ़ा है कि वह पाठक/श्रोताओं को बहुत दूर तक अपने साथ बहाए चलने की क्षमता रखता है.