Bhairav ke Rang 22/06/2026
Shobha Choudhary Official
0:00 / 0:00
Bhairav ke Rang 22/06/2026
65 просмотров · 5 месяцев назад
Shobha Choudhary Official
4,22 тыс. подписчиков
65 просмотров · 5 месяцев назад
पंचम निषाद संगीत संस्थान, इन्दौर प्रेस क्लब, संस्कृति संचालनालय के संयुक्त तत्वावधान में
"स्वर प्रवाह "
मासिक बैठक में आज राग भैरव विषय पर अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं रसपूर्ण चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित रूप से श्री संजय पटेल ने किया।
इस अवसर पर शास्त्रीय गायिका शोभा चौधरी ने राग भैरव का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए उसे राग भैरवी एवं भैरव रागांग की दृष्टि से, स्वर संरचना, भाव-रस, चलन एवं प्रकृति के आधार पर विस्तार से समझाया। उन्होंने राग भैरव की विशिष्ट स्वर-संगतियों एवं पकड़ों को गाकर उसके गंभीर और आध्यात्मिक स्वरूप को सजीव किया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि रागों की स्वर-रचना ही उनके भावों का निर्धारण करती है।
कार्यक्रम में सभी शिष्यों ने विदुषी वीणा सहस्त्रबुद्धे द्वारा रचित सर्गम को सामूहिक रूप से लयकारी के साथ प्रस्तुत किया। इसके पश्चात निष्ठा दुचक्के ने राग भैरव में पारंपरिक बंदिश “जागो ब्रिजराज कुँवर” को द्रुत एकताल में आलाप, तानों सहित प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
आगे बढ़ते हुए राग अहिर भैरव की जानकारी देते हुए गुणिता रिसबुड ने पंडित रामाश्रय झा की बंदिश “अजहूँ न आयो संदेशवा” को आलाप, लयकारी और तानों के साथ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं की जिज्ञासा को ध्यान में रखते हुए संस्कृतिकर्मी श्री संजय पटेल द्वारा रागों के निर्माण, नवीन सृजन एवं उनके विकास से संबंधित प्रश्न पूछे गए, जिनका समाधान शोभा चौधरी ने अत्यंत सरल एवं सटीक रूप में किया।
इसके पश्चात राग बैरागी भैरव पर प्रकाश डालते हुए लविना लेले ने पंडित सी.आर.व्यास की बंदिश “रे साँवरिया घर नहीं आए” को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। राग नट भैरव के संदर्भ में भी जानकारी दी गई, जिसके अंतर्गत स्मिता बिरारी ने पंडित बालासाहेब पुछवाले की बंदिश “सोहत छवि श्याम सुंदर की” को द्रुत एकताल में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में राग शिवमत भैरव की विशेषताओं को शोभा चौधरी ने गाकर स्पष्ट करते हुए बताया कि किस प्रकार कुछ स्वर परिवर्तनों से यह राग निर्मित होता है। इसके अंतर्गत मीनल मोडक ने “ताल सुरन की सेवा तू कर हो गुनियन ” बंदिश प्रस्तुत कर कार्यक्रम का सुंदर समापन किया।
संगीत सहयोग में तबले पर मुकेश रासगाया तथा हार्मोनियम पर सुयश राजपूत ने उत्कृष्ट संगत प्रदान की।
इस अवसर पर समाजसेवी श्री मनोहर देव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनका स्वागत श्री संतोष चौधरी द्वारा किया गया, वहीं कलाकारों का स्वागत श्री मनोहर देव ने किया।
पूरे कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत के प्रति गहरी रुचि और जिज्ञासा का वातावरण बना रहा।