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तुम निराकार और आकार दोनों में बसे हो... II SWAMI TRAILOKYANANDA II #25-2-25

Truth Unfolds - हिन्दी

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तुम निराकार और आकार दोनों में बसे हो... II SWAMI TRAILOKYANANDA II #25-2-25

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Truth Unfolds - हिन्दी
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✅📄 Description (Hindi): इस गहरे आध्यात्मिक सत्संग में बताया गया है कि सत्संग कोई करने की वस्तु नहीं, बल्कि घटने वाली अवस्था है। जब 'मैं' भी नहीं बचता, तब ही सच्चा सत्संग घटता है। ध्यान, जप, सेवा – सब कुछ तब सार्थक होता है जब उसमें अहंकार न हो। यहाँ बताया गया है कि परमात्मा का अनुभव तब होता है जब करने वाला मिट जाता है और केवल "होना" बचता है। यह वीडियो आत्मबोध, अहंकार विसर्जन और मौन की शक्ति को समझने का अवसर है। 📄 Description (English): This profound satsang reveals that true satsang is not something we do, but something that happens. When even the sense of 'I' disappears, real communion with the Self begins. Meditation, chanting, and service become meaningful only when ego is absent. This talk guides us to a direct experience of the Divine by dissolving the doer. Let these words point you toward silence, surrender, and self-realization. 🕰️ Timestamps: 00:10 – सत्संग करना नहीं होता, वह घटता है 01:00 – जैसे नशेड़ी को नशा दिखाना नहीं पड़ता, सत्संग भी ऐसा ही है 02:20 – मन से किया गया सत्संग सत नहीं होता 03:50 – ध्यान करना नहीं, ध्यान में होना 05:00 – सत्संग प्यास का उत्तर है, दिखावे का नहीं 06:45 – जब बोलना जरूरी नहीं होता, वही मौन सत्संग है 09:10 – ब्रह्मानंद कभी खत्म नहीं होता, सत्संग का नशा अनंत है 11:00 – सत्य में घिसना टकराव नहीं, प्रकाश है 12:30 – पूरी प्यास के साथ मिला एक कतरा भी संपूर्ण है 14:00 – 'मैं' शब्द का विस्तार – तू और मैं एक ही 18:00 – व्यवहार में जीना, पर परमात्मा को याद रखते हुए 20:00 – मान्यता से नहीं, साक्षात अनुभूति से जीवन 25:00 – सेवा में तादात्म्य या आसक्ति? 30:00 – परमात्मा कभी गलती नहीं करता, जीव कभी पूरी तरह सही नहीं होता 33:00 – मैं ही हूं – अनुभव का अंतिम सत्य 35:00 – जब मारने वाला और पिलाने वाला दोनों मैं ही हूं 38:00 – कृष्ण का खेल – सत्य और मिथ्या का अद्भुत संतुलन 41:00 – जप विश्राम होना चाहिए, काम नहीं 44:00 – मस्त महलों में बैठे शिव – सहजता ही शिव है 47:00 – जो करना ही न पड़े, वही सच्चा जप है 49:00 – नशेड़ी की दृष्टि में डोलता जगत – वही शिव दृष्टि है 52:00 – सत्संग मौन में उतरता है – बिना बोले सब कुछ कह देता है 54:00 – पूर्णता में कोई द्वैत नहीं, कोई सवाल नहीं बचता 🔖 Hashtags: #सत्संग #ध्यान #अहंकार #परमात्मा #जप #शिव #कृष्णलीला #आत्मबोध #मौन #श्रद्धा #Satsang #Ego #Meditation #SelfRealization पूजनीय महाराज जी और आश्रम की नित्य-नैमित्तिक सेवा के लिए कृपया अपना सहृदय दान निम्नलिखित जानकारी के आधार पर भेजें: बैंक विवरण: Swami Trilokyananda Puri Axis Bank खाता संख्या - 921010015748192 IFSC कोड - UTIB0001779 शाखा - Sheoraphuli, हुगली Google Pay / PhonePe नंबर: 8240794265 विशेष ध्यान दें: यदि आप 1 लाख या उससे अधिक का दान भेजना चाहते हैं, तो कृपया निम्न जानकारी का उपयोग करें: HDFC Bank A/C name - ADVAITA JNAN PITH A/C No - 50100864795533 IFSC Code - HDFC0000981 Branch : Chandannagar, Hooghly कृपया अपने दान की Screenshot नीचे दिए गए नंबर पर भेजना न भूलें: 8617741569 सत्संग के लिए संपर्क करें: 8617741569 समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक। विस्तृत जानकारी के लिए सम्पर्क करें 8617741569 ( 10 AM – 5 PM ) नंबर पर