क्या कोई भी आम इंसान जल्लाद बन सकता है? | Pawan Jallad | Nirbhaya | Muskaan-Shail | Shubhankar
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क्या कोई भी आम इंसान जल्लाद बन सकता है? | Pawan Jallad | Nirbhaya | Muskaan-Shail | Shubhankar
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कोई भी जल्लाद क्यों नहीं बन सकता? Pawan Jallad ने बताई वजह! | Shubhankar Mishra Podcast
क्या कोई भी आम इंसान जल्लाद बन सकता है? आखिर जल्लाद की नौकरी कैसे मिलती है? क्या फां/सी देने के लिए खास ट्रेनिंग लेनी पड़ती है और क्या इस काम को करते वक्त हाथ-पैर कांपते हैं?
इस खास Podcast में Shubhankar Mishra के साथ बातचीत करते हुए Nirbhaya Case के चार दोषियों को फां/सी देने वाले Pawan Jallad ने अपनी जिंदगी और जल्लाद बनने की कहानी साझा की।
पवन जल्लाद ने बताया कि कैसे 21–22 साल की उम्र में उन्होंने अपने परिवार की कई पीढ़ियों से चली आ रही विरासत को आगे बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने अपने दादा और पिता से इस काम के बारे में सीखा और बताया कि फां/सी देने से पहले किस तरह की ट्रेनिंग और तैयारियां होती हैं।
क्या जल्लाद फां/सी देने से पहले श/राब पीते हैं? क्या किसी इंसान को फां/सी देते वक्त डर लगता है? और निर्भया के चार दोषियों को एक साथ फां/सी देने के दौरान क्या हुआ था?
इस इंटरव्यू में पवन जल्लाद ने तिहाड़ जेल में निर्भया के दोषियों की फां/सी वाले दिन का अपना अनुभव भी बताया। उन्होंने उस दिन की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और अदालत के आदेश का पालन करने की जिम्मेदारी पर खुलकर बात की।
साथ ही जानिए कि पवन जल्लाद अपने काम को किस नजरिए से देखते हैं और उनके मुताबिक हर कोई जल्लाद क्यों नहीं बन सकता।
⏱️ Timestamps:
00:00 – क्या हर कोई जल्लाद बन सकता है?
00:35 – Shubhankar Mishra का Introduction
01:05 – Pawan Jallad की Personality पर सवाल
01:20 – जल्लाद बनने के लिए कितना साहस चाहिए?
01:44 – बचपन में जल्लाद बनने का शौक क्यों नहीं था?
02:02 – Pawan Jallad ने जल्लाद बनने का फैसला क्यों लिया?
02:45 – जल्लाद की नौकरी कैसे मिलती है?
02:55 – क्या कोई भी आम इंसान जल्लाद बन सकता है?
03:14 – क्या फां/सी देने से पहले श/राब पीते हैं जल्लाद?
03:35 – फां/सी देते वक्त डर क्यों नहीं लगता?
04:00 – Nirbhaya के 4 दोषियों को एक साथ फां/सी देने का अनुभव
04:17 – निर्भया केस में फां/सी वाले दिन क्या हुआ था?
04:31 – निर्भया के दोषियों की फां/सी दो बार क्यों टली?
04:44 – फां/सी से पहले Trial कैसे किया जाता है?
05:26 – चारों दोषियों की फां/सी की तैयारी
05:50 – Pawan Jallad तिहाड़ जेल में कहां रुके थे?
05:56 – सुबह 3 बजे क्या हुआ था?
06:35 – फां/सी की तैयारी और समय का ध्यान
06:43 – फां/सी की रस्सी कहां बनती है?
07:01 – 40 पुलिसवाले क्यों मौजूद थे?
07:19 – सुबह 5:10 बजे क्या हुआ?
07:57 – चारों दोषियों की फां/सी से पहले आखिरी तैयारी
08:21 – सुबह 5:30 बजे क्या हुआ था?
08:36 – फां/सी के बाद Postmortem पर बातचीत
09:15 – क्या फां/सी के वक्त पुलिसवालों को डर लगता है?
09:38 – क्या Pawan Jallad को कभी डर लगा?
09:50 – क्या Pawan Jallad अपनी पत्नी से डरते हैं?
आपसे सवाल: क्या आपके हिसाब से जल्लाद बनने के लिए सिर्फ ट्रेनिंग काफी है या मानसिक रूप से मजबूत होना भी जरूरी है? अपनी राय Comment Section में जरूर बताएं।
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Disclaimer: इस वीडियो में मृ/त्युदंड और जल्लाद के पेशे से जुड़ी चर्चा एक इंटरव्यू के रूप में प्रस्तुत की गई है। इसमें साझा किए गए व्यक्तिगत अनुभव और विचार Pawan Jallad के हैं। वीडियो का उद्देश्य जानकारी देना है, किसी भी प्रकार की हिंसा को बढ़ावा देना नहीं।
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