आशापुरा माताजी की आरती Aashapura Mataji Aarti अरज करूं हे म्हारी अनंत आशापुरा | Kalu Singh Gangasara
MARUDHAR RI RASDHAR (मरूधर री रसधार)
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आशापुरा माताजी की आरती Aashapura Mataji Aarti अरज करूं हे म्हारी अनंत आशापुरा | Kalu Singh Gangasara
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🚩 मरूधर री रसधार 🚩
यूट्यूब चैनल प्रस्तुत करते हैं :-
◆ "अरज करूं हे म्हारी अनंत आशापुरा"
◆ "Araj Karu He Mhari Anant Aashapura"
● श्री आशापुरा माताजी की संपूर्ण आरती (Shree Aashapura Mataji Ki Aarti)
◆ अनंत आद्याशक्ति, राज राजेश्वरी, नाडोल री धणियांणी, क्षत्रिय चहुँआण राजवंश की कुलदेवी श्री शाकम्भरी आशापुरा माताजी की आरती
Chouhan Kuldevi Nadol Aashapura Shakambhari Mataji
◆ रचना एवं स्वर - कालूसिंह जी गंगासरा
Lyricist & Singer - Kalu Singh Gangasara
◆ संगीत एवं रेकॉर्डिंग - श्री सवाई सिंह (मां भटियल कृपा स्टूडियो)
◆ प्रस्तुति - मरूधर री रसधार 【YOUTUBE CHANNEL】
आदि शक्ति के अनंत रूपों में एक नाम है "शाकंभरी" पुराणों के अनुसार किसी मन्वंतर में पृथ्वी पर सौ बरसों तक बरसात नहीं हुई ऐसी स्थिति में प्राणियों के भरण-पोषण हेतु भगवती महामाया ने अपने शरीर से शाक उत्पन्न किये तब से देवी का नाम शाकंभरी पङा।
क्षत्रिय चौहान वंश के आदि पुरुष सम्राट वासुदेव चाहमान को शाकंभरी तुष्टमान हुई वहां देवी के आशीर्वाद से नमक की झील खुदवाई और सांभर प्रदेश (सपादलक्ष) उस परगने का नाम पङ़ा। कालांतर में उसी चौहन वंश में राव लाखण हुए जिन्होंने नाडोल (पाली) में मां शाकंभरी के आशीर्वाद से अपनी राज सता कायम की और उनकी आशा पूर्ण करने के कारण तब से नाम पङ़ा "आशापुरा" नाडोल में आशापुरा जी का भव्य शक्ति पीठ के रूप में देवालय स्थित है।
इसी तरह गुजरात के क्षत्रिय जाङ़ेजा कुल की कुल देवी भी आशापुरा जी ही है कच्छ गुजरात में माता नु़ मढ नाम से विख्यात शक्ति पीठ है।
चहुँआण वंश की कुल देवी नाडोळ धणियाणी राज रजेश्वरी माँ शाकम्भरी आशापुर्णा के चरणों में कौटि-कौटि वंदन ।।
॥आशापुरा अरदास॥
: दोहा : -
आदि सगत आशापुरी,शरण गयों सुखदाय।
प्रणमुं मां परमेसरी,सुध दीजे सुरराय॥
सेवक काज सुधारणी,हरणी दुःख हमेश।
भग्तन कूं भव तारणी,काटण कोटि कलेश॥
सगत मात शाकम्भरी,औ आशापुर आप।
संभाळे तूंहीं सदा परहरजे सब पाप॥
इस आरती की रचना माताजी की असीम कृपा से कालुसिंह जी गंगासरा द्वारा की गई है। मां शाकंभरी आशापुरा माताजी आप सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें ।
जय मां शाकंभरी आशापुरा जी
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धन्यवाद || THANK YOU
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