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उत्तर रामायण - EP 28 - राम का दूसरे विवाह से इनकार और सीता की स्वर्ण मूर्ति का निर्माण।

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उत्तर रामायण - EP 28 - राम का दूसरे विवाह से इनकार और सीता की स्वर्ण मूर्ति का निर्माण।

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Uttar Ramayan - Episode 28 - Rama's refusal to marry again and the construction of a golden statue of Sita. अश्वमेध यज्ञ के लिये राजा के बगल में पत्नी का आसीन होना अनिवार्य है किन्तु राम दूसरा विवाह करने से इनकार कर देते हैं और अपने एक पत्नीव्रत की प्रतिज्ञा को दोहराते हैं। तब महर्षि वशिष्ठ शास्त्र सम्मत उपाय सुझाते हैं कि राम यज्ञ में पत्नी के स्थान पर उसकी स्वर्ण प्रतिमा बैठा सकते हैं। वशिष्ठ भगवान विश्वकर्मा द्वारा देवी सीता की स्वर्ण प्रतिमा बनवाने का निर्णय लेते हैं। प्रजा का मन भी बदलता है। राजा राम के एक पत्नीव्रत और सीता के बलिदान के बारे में पता चलने जनता को अपने किये पर पछतावा होता है। वाल्मीकि आश्रम में माता गौतमी सीता को राम के निर्णय के बारे में बताती हैं। सीता अति प्रसन्न होती हैं। किन्तु उस रात सीता को यह बात सालती है कि उन्होंने प्रजा की आधारहीन चर्चा पर एक क्षण के लिये भी यह विश्वास कैसे कर लिया कि राम दूसरा विवाह करने वाले हैं। सीता एक पतिव्रता नारी हैं। अगले दिन वह महर्षि वाल्मीकि के पास जाकर अपने पति पर सन्देह करने का पाप स्वीकार करती हैं और उनसे प्रायश्चित करने का उपाय पूछती हैं। वाल्मीकि सीता की इच्छा का मान रखते हुए उन्हें संयोगकरण व्रत रखने को कहते हैं। वह बताते हैं कि इससे समस्त दोषों का निवारण होगा तथा पति के दर्शन भी होंगे। राम के अश्वमेध यज्ञ में सम्मिलित होने के लिये काशी नरेश के अलावा किष्किंधा नरेश सुग्रीव, जामवन्त, अंगद तथा लंका नरेश विभीषण आते हैं। मधुरा के राजा बन चुके शत्रुघ्न भी अपने दोनों पुत्रों सुबाहु व शूरसेन सहित आते हैं। अंतःपुर में लम्बे समय के बाद राजपरिवार के सभी सदस्य एक दूसरे से मिलते हैं। भरत के पुत्र तार्क्ष और पुष्कर व लक्ष्मण के पुत्र चित्रांगद और चन्द्रकेतु तो पहली बार अपने चचेरे भाईयों सुबाहु व शूरसेन से मिलते हैं। उत्तर रामायण में लव कुश की कहानी को दर्शाया गया है। जिसमें माँ सीता को श्री राम त्याग देते हैं और माँ सीता महाऋषि वाल्मीकि के आश्रम में जाकर रहने लगती हैं। माँ सीता वहाँ लव कुश को जन्म देती हैं। लव कुश उसी आश्रम में बड़े होते हैं और गुरु वाल्मीकि से शिक्षा दीक्षा लेते हैं। कैसे लव कुश श्री राम और माँ सीता को मिलाते हैं देखे सम्पूर्ण उत्तर रामायण के सभी एपिसोड सिर्फ़ तिलक YouTube चैनल पर। रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी। इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है। निर्माता और निर्देशक - रामानंद सागर सहयोगी निर्देशक - आनंद सागर, मोती सागर कार्यकारी निर्माता - सुभाष सागर, प्रेम सागर मुख्य तकनीकी सलाहकार - ज्योति सागर पटकथा और संवाद - रामानंद सागर संगीत - रविंद्र जैन शीर्षक गीत - जयदेव अनुसंधान और अनुकूलन - फनी मजूमदार, विष्णु मेहरोत्रा संपादक - सुभाष सहगल कैमरामैन - अजीत नाइक प्रकाश - राम मडिक्कर साउंड रिकॉर्डिस्ट - श्रीपाद, ई रुद्र वीडियो रिकॉर्डिस्ट - शरद मुक्न्नवार In association with Divo - our YouTube Partner #uttarramayan #uttarramayanyoutube #uttarramayanfullepisode #fullepsiode"