Namothunam jaap|jaap namothunam#1#jaigurugyan#arihant #mahamrityunjayamantra #jaap# णमोत्थुणं#peace
Shri Arihant Margi Jain Mahasangh
0:00 / 0:00
Namothunam jaap|jaap namothunam#1#jaigurugyan#arihant #mahamrityunjayamantra #jaap# णमोत्थुणं#peace
16 497 просмотров · 1 год назад
Shri Arihant Margi Jain Mahasangh
548 подписчиков
16 497 просмотров · 1 год назад
सर्व संकटहारी : सर्व मंगलकारी
श्री णमोत्थुणं महाजाप
प्रतिदिन अवश्य सुने और पाठ करें।
णमोत्थुणं जाप का महत्व
देवलोक के सभी 64 इंद्र और असंख्य सम्यक् दृष्टि देवी देवता णमोत्थुणं के पाठ से देवाधिदेव सिद्धों और अरिहंतों की स्तुति करते हैं। यही कारण है, इस पाठ का नाम शक्रस्तव भी है। शक्र याने इंद्र, अर्थात् इंद्रों द्वारा की जाने वाली स्तुति ।
णमोत्थुणं का पाठ अतीत सुदूर भूत में भी यही था, वर्तमान में भी यही है, आगे सुदूर भविष्य में भी यही रहेगा । णमोत्थुणं ही एक ऐसा पाठ है, जिससे इंद्र, देवी, देवता, सभी प्रभु की स्तुति करते हैं । ऐसे पाठ से स्तुति किये जाने पर देवताओं का बल्कि इन्द्रों का आकर्षण भी उन पाठकर्त्ता की तरफ होना स्वाभाविक है ।
साफ है, हमें किसी भी देवी देवता, इंद्र को मनाने के लिए कोई अन्य पाठ करने की आवश्यकता नहीं है, केवल इसी एक ही पाठ से कोई भी देवता का झुकाव आपकी तरफ बढ़ता जाता है।
मूलतः देवता की भक्ति न करके देवाधिदेव अरिहंतों की भक्ति ही सबसे महत्वपूर्ण है।
अरिहंतों में तीर्थंकर देव 34 अतिशय 35 वचनातिशय के धारी होते हैं।
उनकी शरण में जाने वाले को भौतिक और अभौतिक दोनों लाभ प्राप्त होते हैं। तन-धन-राज्य, सुख शांति सभी की प्राप्ति होती है।
जाप करीये और स्वयं अनुभव करीये।।
जय गुरु ज्ञान
Namothunam jaap|jaap namothunam#1#jaigurugyan #namothunam#arihant#arihantmargi#jaap# णमोत्थुणं#peace
रिकॉर्डिंग - भुवनेश जैन बीएसबी रिकॉर्डिंग स्टूडियो जयपुर
सिंगर - सीमा दफ्तरी जैन वॉइस ओवर आर्टिस्ट - अंकुर माथुर