Перейти к содержимому

असूर निकंदन रमैणी (लिखित) । Asur Nikandan Rameni by Sant Rampal Ji Maharai Updated I Satlok Ashram

BOOK SEVA

0:00 / 0:00

असूर निकंदन रमैणी (लिखित) । Asur Nikandan Rameni by Sant Rampal Ji Maharai Updated I Satlok Ashram

688 просмотров · 9 дн. назад
BOOK SEVA
149 подписчиков
688 просмотров · 9 дн. назад
सर्व परमात्मा सतगरु प्रेमियों से प्रार्थना है, कि महाराज कबीर साहेब व गरीबदास जी की वाणी से यह "नित्य नियम" का गुटका आपके नित्य पाठ के लिए छपवाया गया है। ताकि शुद्धि पूर्वक नित्य पाट करके आत्मा का कल्याण कर सकें, बन्दी छोड़ कबीर साहेब तथा गरीबदास जी महाराज की वाणी में यह विशेषता है, कि इसके नित्य पाठ से आत्मा में दष्कर्म त्यागने व भगवान चिन्तन की शक्ति मिलती है, बन्दी छोड कबीर साहेब व गरीबदास जी महाराज की वाणी स्व सिद्ध है, इसके नित्य पाठ से ज्ञान यज्ञ का लाभ भी होता है, जिस प्रकार कैसी व्यक्ति को सर्प काट ले और वह मर्छित हो तो गारड़ (सर्प काे का अध्यात्मिक इलाज करने वाला व्यक्ति) कृछ श्लोक(मन्त्र) पढ़ता है। जिस के कुछ समय में वह मर्छित व्यक्ति होश में आ जाता है, ठीक इसी प्रकार आत्मा पर दुष्कर्मोंका विष चढा हुआ है जिससे आत्मा काम क्रोध, मोह वस होकर मर्छित पडी है। जो वाणी का पाठ करने से होश में आ जाती है। फिर परमात्मा का ध्यान, सुमरण, प्रभु गुणगान गुरु धारण करके काल के जाल से मुक्त हो जाती है। कुछ रोग भी वाणी पाठ से कट जाते हें। यदि प्र्ण संत से नाम लेकर विश्वास करके नित्य पाठ किए जाएं। परिवार में सुख, धन वृद्धि, कुछ कार्य सिद्धरभ नाम जाप तथा वाणी के पाठ से होते हैं क्योंकि यह ज्ञान यज्ञ है। यहृ निश्चय कर मानें। परंतू पूर्ण मूक्ति के लिए पूर्ण गुरु की तलाश करें तथा नाम लेकर गुरु वचन में चलें और अपनाअपना जीवन सफल करें। नित्य पाठ का अर्थ यह है कि जो वाणी(सतगरु वचन) में लिखा है उस पर अमल करना है। उसी प्रकार अपनी रहनी व करनी करें, संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा प्राप्त करने के लिए या अपने नजदीकी नामदीक्षा केंद्र का पता करने के लिए हमे +91 82२२8 80541 नंबर पर कॉल करें.. जीवन सफल करें। नित्य पाठ का अर्थ यह है कि जो वाणी (सतगुरु वचन) में लिखा है उस पर अमल करना है। उसी प्रकार अपनी रहनी व करनी करें #santrampaljimaharaj #asurnikandanramaini #satlokashram #santrampalji #SantRampalJiMaharaj #SantRampalJi #SantRampalMaharaj #GyanGanga #KabirSahib #SatGyan #SatlokAshram #SantRampalJiSatsang #AdhyatmikGyan #BookSeva #HindiSatsang #KabirParmeshwar