🌺 श्री गणेश चालीसा — मौलिक भक्तिगीत 🌺
Devdhun Utsav
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🌺 श्री गणेश चालीसा — मौलिक भक्तिगीत 🌺
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Devdhun Utsav
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🌺 श्री गणेश चालीसा — मौलिक भक्तिगीत 🌺
🙏 श्री गणेश जी के चरणों में समर्पित यह भक्तिमय चालीसा बुद्धि, ज्ञान, सुख-शांति और मंगल की प्रार्थना है। गौरी-नंदन गणपति बप्पा की महिमा, विघ्नों के नाश और जीवन में नई आशा व सकारात्मकता की भावना से सजा यह गीत श्रद्धा से सुनें और भक्ति में रम जाएँ। 🪔🐘
🌸 गणपति बप्पा मोरया! मंगलमूर्ति मोरया! 🌸
देवधुन उत्सव पर आपको मिलेंगे मधुर भजन, मंत्र, चालीसा और सनातन भक्ति-संगीत, जिन्हें आप पूजा, ध्यान और शुभ अवसरों पर सुन सकते हैं।
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AI Disclosure: इस भक्तिगीत के संगीत/गायन निर्माण में AI की सहायता ली गई है।
🌺 श्री गणेश चालीसा — मौलिक भक्तिगीत 🌺
दोहा
जय गणनायक मंगलकारी,
शरण तुम्हारी सुखदायी।
बुद्धि-ज्ञान के दाता देवा,
कृपा करो हे गौरी-नंदन देवा॥
चालीसा
जय गणेश जय गणराया,
सबके मन को तुमने भाया।
गौरी मैया के दुलारे,
शिव के प्यारे राजदुलारे॥
एकदंत तुम मंगलकारी,
विघ्न विनाशक सुख के भंडारी।
लंबोदर हे दीनदयाला,
कर दो जीवन खुशियों वाला॥
मूषक वाहन संग विराजो,
भक्तों के तुम काज सँवारो।
मोदक का भोग तुम्हें प्यारा,
तुमसे रोशन जग सारा॥
माथे सिंदूर सुहाना लागे,
देख तुम्हें सब दुख दूर भागे।
मस्तक ऊपर मुकुट सुहाए,
करुणा बनकर मन में आए॥
जो भी श्रद्धा से नाम पुकारे,
तुम बन जाते उसके सहारे।
सच्चे मन से ध्यान लगाए,
मन में नई उमंग जगाए॥
विद्या-बुद्धि का दीप जलाओ,
अज्ञान का अंधकार मिटाओ।
सद्बुद्धि देकर राह दिखाओ,
सत्य मार्ग पर हमें चलाओ॥
मेहनत में तुम शक्ति भराना,
मन में विश्वास सदा जगाना।
सेवा का शुभ भाव जगाओ,
सबके प्रति प्रेम बढ़ाओ॥
क्रोध-मोह को दूर भगाओ,
मन को निर्मल आज बनाओ।
अच्छे कर्मों की राह दिखाओ,
जीवन को सुंदर तुम बनाओ॥
घर-आँगन में मंगल छाए,
हर मुख पर मुस्कान खिलाए।
सुख-शांति का दीप जलाना,
दुखियों का तुम कष्ट मिटाना॥
बालक हों या वृद्ध तुम्हारे,
सब ही हैं गणराज दुलारे।
जो भी तुमको शीश नवाए,
मन में शांति सदा वह पाए॥
ऋद्धि-सिद्धि संग शोभा पाओ,
भक्तों के तुम भाग्य जगाओ।
नूतन आशा मन में भर दो,
जीवन को शुभ रंगों से भर दो॥
प्रथम पूज्य कहलाते देवा,
तुमसे सुंदर कौन सरीखा।
शुभ कार्यों में नाम तुम्हारा,
सबसे पहले लेते सारा॥
जय गणनायक जय सुखदाता,
जय विघ्नों के तुम विनाशक दाता।
हे गणपति मेरी विनती सुनना,
भक्ति में अपने चरणों में रखना॥
मन में सदा तुम्हारा ध्यान,
मुख पर रहे तुम्हारा नाम।
संकट में तुम साथ निभाना,
हे गणराज कृपा बरसाना॥