Перейти к содержимому

जब सब साथ छोड़ दें, तब श्रीकृष्ण क्या करते हैं? | Part 5 | Gita Updesh

KrishnaTatva

0:00 / 0:00

जब सब साथ छोड़ दें, तब श्रीकृष्ण क्या करते हैं? | Part 5 | Gita Updesh

134 просмотра · 7 дн. назад
KrishnaTatva
9 подписчиков
134 просмотра · 7 дн. назад
जब जीवन में इंसान खुद को पूरी तरह अकेला महसूस करे, तब उसकी रक्षा कौन करता है? और इस विशाल सृष्टि के कण-कण में ईश्वर की शक्ति को कैसे पहचाना जाए? श्रीमद्भगवद्गीता महा-सीरीज के पाँचवें भाग में जानिए अध्याय 9 (राजविद्याराजगुह्ययोग) और अध्याय 10 (विभूतियोग) का सबसे गोपनीय ज्ञान। भगवान श्रीकृष्ण बताते हैं कि कैसे एक पत्ता या थोड़ा सा जल भी प्रेम से अर्पित करने पर वे प्रसन्न हो जाते हैं, और कैसे वे अपने अनन्य भक्तों के 'योगक्षेम' की रक्षा स्वयं करते हैं। 📌 इस वीडियो के मुख्य बिंदु: राजविद्या और राजगुह्यम्: ज्ञान का राजा और सबसे गुप्त आध्यात्मिक विज्ञान। भक्ति का सरलतम रूप: पत्रं पुष्पं फलं तोयं — ईश्वर धन नहीं, केवल सच्चा भाव स्वीकार करते हैं। श्रीकृष्ण का परम वचन: 'योगक्षेमं वहाम्यहम्' — भक्त के अभाव की पूर्ति और रक्षा का दैवीय संकल्प। ईश्वरीय विभूतियाँ: नदियों में गंगा, वृक्षों में पीपल और योद्धाओं में श्रीराम — प्रकृति में ईश्वर के प्रत्यक्ष दर्शन। अंश-मात्र से सृष्टि: परमात्मा के एक छोटे से तेज से समस्त ब्रह्मांड कैसे संचालित है? #bhagavadgita #gitachapter9 #GitaChapter10 #yogakshemam #bhaktiyoga #krishnaupdesh #geetasaar #vibhutiyoga #spiritualwisdom #hinduphilosophy