आजु भटू इक गोपकुमार ने | रसखान रास-पद | प्राचीन हवेली ध्रुपद
Vrindavan Bhakti
0:00 / 0:00
आजु भटू इक गोपकुमार ने | रसखान रास-पद | प्राचीन हवेली ध्रुपद
284 просмотра · 4 дн. назад
Vrindavan Bhakti
82 подписчика
284 просмотра · 4 дн. назад
आजु भटू इक गोपकुमार ने | रसखान रास-पद | प्राचीन हवेली ध्रुपद
🙏 *राधे राधे! जय श्री वृन्दावन!* 🙏
प्रस्तुत है कृष्ण-प्रेम के अमर कवि *रसखान जी* का अत्यंत सुंदर ब्रजभाषा रास-पद—**“आजु भटू इक गोपकुमार ने”**।
इस पद में एक ब्रज-सखी श्रीकृष्ण द्वारा रचाए गए दिव्य रास का वर्णन करती है। वह उस सुंदर गोपकुमार की मनमोहक छवि देखकर स्वयं को परम भाग्यशाली मानती है और अपना तन, मन एवं यौवन उन पर न्योछावर करने का भाव प्रकट करती है।
इस प्रस्तुति को प्राचीन *हवेली संगीत और ध्रुपद-अंग* में सजाया गया है। तानपुरे की गंभीरता, पखावज की पारंपरिक लय, बाँसुरी की मधुरता और शास्त्रीय गायन के ऊँचे-नीचे सुर इस रास-पद के भाव को जीवंत करते हैं।
मूल पद
आजु भटू इक गोपकुमार ने,
रास रच्यौ इक गोप के द्वारे।
सुंदर बानिक सों रसखानि,
बन्यौ वह छोहरा भाग हमारे॥
ए बिधना! जो हमैं हँसतीं,
अब नेकु कहूँ उतकों पग धारैं।
ताहि बदौं फिरि आबे घरै,
बिनही तन औ मन जौवन बारैं॥
🎵 *पद:* आजु भटू इक गोपकुमार ने
✍️ *रचनाकार:* रसखान जी
🎼 *शैली:* प्राचीन हवेली संगीत एवं ध्रुपद-अंग
🙏 *समर्पित:* श्री राधा-कृष्ण की दिव्य रास-लीला
📺 *चैनल:* Vrindavan Bhakti
🔗 *@SriVrindavanbhakti*
यदि आपको हमारे भजन पसंद आते हैं, तो चैनल को Subscribe करें और इस प्रस्तुति को सभी कृष्ण भक्तों के साथ Share करें।
अगर आप अपनी पसंद का कोई पद या भजन बनवाना चाहते हैं, तो उसके बोल Comment में Paste करें। हम उसे भावपूर्ण संगीत में प्रस्तुत करने की पूरी कोशिश करेंगे।
💬 कमेंट में प्रेम से लिखें—**“राधे राधे!”**
#Raskhan #RaskhanPad #AajuBhatuEkGopKumarNe #HaveliSangeet #Dhrupad #BrajBhasha #KrishnaRaas #RaasLeela #KrishnaBhajan #RadheRadhe #VrindavanBhakti #BrajRas #IndianClassicalMusic