चुराया हुआ सुख... क्या चैन भी दे सकता है? चुराया हुआ सुख !! ज़किया मशहदी की लिखी कहानी
planet of tales
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चुराया हुआ सुख... क्या चैन भी दे सकता है? चुराया हुआ सुख !! ज़किया मशहदी की लिखी कहानी
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स्टोरीलाइन
एक ऐसी औरत की कहानी है जिसका पति हमेशा बिज़नेस टूर पर शहर से बाहर रहता है। औरत सारा दिन घर में अकेली रहती है। सोसाइटी में उसकी मुलाक़ात एक ऐसे मर्द से होती है जिससे वह अपने पति की गै़र-मौजूदगी में थोड़ा-सा सुख चुरा लेती है।
ज़किया मशहदी (Zakiya Mashhadi) समकालीन उर्दू साहित्य की एक प्रमुख कथाकार और अनुवादक हैं, जो मुख्य रूप से महिला समस्याओं और सामाजिक मुद्दों पर लिखने के लिए जानी जाती हैं। 1944 में जन्मीं ज़किया जी के सात कहानी संग्रह, तीन उपन्यास और कई अनुवाद प्रकाशित हो चुके हैं।
ज़किया मशहदी की कहानियों की मुख्य विशेषताएं:
महिला केंद्रित: उनकी कहानियाँ ज्यादातर महिलाओं के दृष्टिकोण, उनकी परेशानियों और संघर्षों के इर्द-गिर्द घूमती हैं। [1, 2]
सामाजिक यथार्थ: इनमें रोज़मर्रा की जिंदगी की सच्ची तस्वीर देखने को मिलती है।
साहित्यिक सम्मान: उन्हें उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए 'इकबाल सम्मान' (मध्य प्रदेश सरकार) और साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी नवाज़ा जा चुका है। [1]