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भक्ति और पढ़ाई एक साथ कैसे करें? जब मन सिर्फ कथाओं में लगे तो क्या करें?

Bhram Nivaran - From Confusion To Clarity

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भक्ति और पढ़ाई एक साथ कैसे करें? जब मन सिर्फ कथाओं में लगे तो क्या करें?

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Bhram Nivaran - From Confusion To Clarity
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भक्ति और पढ़ाई एक साथ कैसे करें? जब मन सिर्फ कथाओं में लगे तो क्या करें? 🌸 भक्ति प्रश्नोत्तरी सत्संग | भक्ति साधना एवं भ्रम निवारण 🌸 प्रवचनकर्ता: परम पूज्य श्री स्वामी देवादास जी महाराज स्थान: भक्ति आश्रम, श्री वृन्दावन धाम ,18 May 2025 📱 यदि आपके मन में भी कोई आध्यात्मिक प्रश्न या शंका है, तो comment में पूछें | भक्ति आश्रम, श्री वृन्दावन धाम में प्रतिदिन अनेक श्रद्धालु अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने हेतु उपस्थित होते हैं। समय-समय पर विरक्त महात्मा एवं गुप्त सिद्ध संत भी गुरुचरणों में उपस्थित होकर आध्यात्मिक चर्चा और संत-दर्शन का लाभ प्राप्त करते हैं। श्री भक्ति प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम के इस अंक में पूज्य गुरु जी ने भक्तों के कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक प्रश्नों के उत्तर दिए हैं। अक्सर साधकों की यह शिकायत रहती है कि उनका मन भगवान में नहीं लगता। स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज के वचनों का संदर्भ देते हुए गुरु जी ने समझाया है कि मन-बुद्धि को जबरदस्ती लगाने के बजाय, अपने शरीर के अंगों (जिह्वा, कान, हाथ, पैर) को भगवान की सेवा और नाम जप में कैसे जोड़ें। इसके साथ ही इस वीडियो में जानिए कि भगवान को दंडवत प्रणाम करने का सही नियम क्या है, क्या लहसुन-प्याज खाने वाले भी भक्ति में प्रगति कर सकते हैं, और शिव-पार्वती विवाह में गणेश जी की पूजा क्यों हुई थी? यदि आप भी अपनी भक्ति को गहरा करना चाहते हैं और आध्यात्मिक उलझनों से मुक्त होना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक ज़रूर देखें। 🕒 Video Timestamps (Chapters) 00:00 - मंगलाचरण एवं भक्ति प्रश्नोत्तरी शुरुआत 00:20 - काउंटर मशीन से नाम जप करने का नियम क्या है? 01:05 - अपने आप को भगवान से कैसे जोड़ें? (स्वामी रामसुखदास जी के वचन) 03:30 - मन नहीं लगता तो शरीर के अंगों को भगवान से कैसे लगाएं? 07:15 - भक्ति की शक्ति और शरीर में कंपन/तेज क्यों होता है? 10:20 - शिव-पार्वती विवाह में गणेश जी की पूजा का रहस्य 14:15 - पढ़ाई और भक्ति एक साथ कैसे मैनेज करें? असफल होने पर क्या करें? 18:20 - क्या लहसुन-प्याज खाने वाले भी सच्चे भक्त हो सकते हैं? 20:05 - गीता के अनुसार भगवान भक्तों को सब जगह कैसे देखते हैं? 20:40 - एक्सीडेंट और संकट से बचने के आध्यात्मिक उपाय 21:55 - श्मशान या कब्रिस्तान के पास रहने पर डर लगे तो क्या करें? 24:00 - राधा कुंड की रज (मिट्टी) लगाने के बाद स्नान करने का नियम 25:35 - एकांत में 11 से 3 बजे नाम जप करने की विधि 26:45 - नाम जप के साथ हनुमान चालीसा और स्तोत्र पाठ कैसे करें? 28:20 - भगवान को दंडवत प्रणाम करने की सही दिशा और नियम (दाएं या बाएं?) CONTENT OWNERSHIP & MONETIZATION DISCLAIMER 100% Original Content & Voice: This video features entirely original audio and visual content. The voice, teachings, and spiritual guidance presented in this video belong exclusively to our revered Guru Ji. This channel holds all necessary rights to broadcast this content. There is no automated, synthetic, or reused audio/video used in this production, fully adhering to YouTube’s Monetization Policies regarding original commentary and educational content. Purpose of the Video: The sole objective of this Q&A session is to address the genuine doubts and queries of spiritual seekers (Bhakts) and to dispel misconceptions (#BhramNivaran). The teachings are rooted in ancient scriptures, philosophical texts, and traditional spiritual wisdom. Community Guidelines Compliance: This video is created strictly for educational, cultural, and spiritual purposes. It promotes peace, self-discipline, and devotion. It does not intend to hurt, defame, or discriminate against any individual, caste, community, or religious belief. It strictly complies with all YouTube Community Guidelines. Copying or re-uploading this original content on any other platform without prior permission is strictly prohibited. #bhramnivaran #bhaktiashram #bhagwansejode #naamjap #dandvatpranam #radhakund #spiritualqa #vrindavan #sanatandharma