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श्री रुद्राष्टकम् | Rudrashtakam Stotram | नमामीशमीशान निर्वाणरूपं | Powerful Shiv Stotram |

Bhajan Sansar Hindi

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श्री रुद्राष्टकम् | Rudrashtakam Stotram | नमामीशमीशान निर्वाणरूपं | Powerful Shiv Stotram |

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#rudrashtakam #shivbhajan #namamishamishan ॥ श्री रुद्राष्टकम् ॥ भगवान शिव को समर्पित यह दिव्य श्री रुद्राष्टकम् गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित एक अत्यंत भक्तिपूर्ण शिव स्तुति है। इस स्तोत्र में महादेव के निराकार, सर्वव्यापक, करुणामय और कल्याणकारी स्वरूप का सुंदर वर्णन किया गया है। श्रद्धा और शांत मन से श्री रुद्राष्टकम् का श्रवण करें और स्वयं को भगवान शिव की दिव्य भक्ति में समर्पित करें। 🔱 हर हर महादेव 🙏 ॐ नमः शिवाय श्री रुद्राष्टकम् नमामीशमीशान निर्वाणरूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाशमाकाशवासं भजेहम्॥ निराकारमोङ्कारमूलं तुरीयं, गिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशम्। करालं महाकालकालं कृपालं, गुणागारसंसारपारं नतोहम्॥ तुषाराद्रिसंकाशगौरं गभीरं, मनोभूतकोटिप्रभाश्री शरीरम्। स्फुरन्मौलिकल्लोलिनी चारुगङ्गा, लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा॥ चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालं, प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्। मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं, प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि॥ प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं, अखण्डं अजं भानुकोटिप्रकाशम्। त्र्यःशूलनिर्मूलनं शूलपाणिं, भजेहं भवानीपतिं भावगम्यम्॥ कलातीतकल्याण कल्पान्तकारी, सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी। चिदानन्दसंदोह मोहापहारी, प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी॥ न यावद् उमानाथपादारविन्दं, भजन्तीह लोके परे वा नराणाम्। न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं, प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासं॥ न जानामि योगं जपं नैव पूजां, नतोहं सदा सर्वदा शम्भुतुभ्यम्। जराजन्मदुःखौघ तातप्यमानं, प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो॥ ऐसी ही दिव्य शिव स्तुतियां, मंत्र, भजन और सनातन भक्ति संगीत सुनने के लिए चैनल को Subscribe करें। 🔔 वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Comment में लिखें: हर हर महादेव 🔱 © Bhajan Sansar Hindi