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जोन चीज 200 की है पैल मिलत्ती चार में || 1980, 90 के दशक और आज मैं फर्क || स्वर बलराम यादव लल्ला

apni bundeli

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जोन चीज 200 की है पैल मिलत्ती चार में || 1980, 90 के दशक और आज मैं फर्क || स्वर बलराम यादव लल्ला

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जोन चीज 200 की है पैल मिलत्ती चार में || 1980, 90 के दशक और आज मैं फर्क || स्वर बलराम यादव लल्ला Singer : Balram Yadav Lalla Lyrics : Lakhan Yadav यह वीडियो सन् 1980, 90 के दशक और आज के मुकाबले में क्या क्या अंतर हो गया है इसे दर्शाया गया है। Lyrics --------------- कितनो फर्क पैला और आज के बाजार में जौन चीज दौसो की है पैल मिलत्ती चार में ॥ पैला खूब रांट हांकत्ते राते घरे परत्ते दिन भर काम करत्ते एक दूसरे से हिल मिल कें बडे प्रेम से रत्ते ऐसों नही लरत्ते । भैया संग भैया एकई खात हते थार में ॥ पैलां आड हती घूंघट की नही थी झींका झटकी सब मानत्ते हटकी पुरा परोसी से ले आए कछु चीज जो अटकी पारे से ना खटकी । एक हतो मालिक पैला देखो परिवार में ॥ पैलां खायो भर भर थारा कौदौ समा लठारा भैंसें लगी अठारा । बूड़ो बब्बा खरगापुर से निंग के गयो जतारा तुम केरये आरारा । अब तो लखन है पावर बिजली के तार में ॥ जौन चीज दौसो की है पैल मिलत्ती चार में ॥ #BundeliGeet #BundeliLokgeet #BundelkhandiLokgeet #BalramLalla #Lokgeet