My visit to Akhada Guru Jasram ! स्वस्थ रहने की प्रेरणा देती कुश्ती मल्ल विद्या। 30th Nov. 2022
The KushtiWrestling Village
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My visit to Akhada Guru Jasram ! स्वस्थ रहने की प्रेरणा देती कुश्ती मल्ल विद्या। 30th Nov. 2022
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/ @deepakansuia
Wrestling is ages old ancient tradition of India, it is also our national sport.
This video is made and published by Deepak Ansuia, passionate work to promote the art of traditional wrestling of India, called kushti as well as mat and international wrestling.
स्वस्थ रहने की प्रेरणा देती कुश्ती मल्ल विद्या।
हाल ही में मैंने महसूस किया की मेरे आस पास में , घर , गाँव मोहल्लों में या सोशल मीडिया पे लोगों में दिल सम्बन्धी बीमारियों की बाढ़ सी आ गई हैं। बहुत से मेरे जानकार लोग असमय हृदयाघात से चल बसे हैं।अत्यंत दुखद हैं। सवाल कौंधता हैं क्या कारण होगा ? ऐसा मैंने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखा न महसूस किया। दरअसल महंगाई के इस युग में सभी पर अत्यंत दबाव हैं , टारगेट बड़े हैं , आमदनी को खैंच कर बढ़ाने के जुगाड़ में आदमी अपनी सीमाओं को लांघ रहा हैं। जीवन एक फेर में फंस गया है। जहाँ खेल कूद , घूमना फिरना , जॉगिंग , वर्कआउट बहुत ही कम हो गया हैं। इसके लिए समय ही नहीं बचा है। यदि कोई कर भी रहा हैं तो जिम कर रहा हैं। मैं जिम कल्चर पर कुछ कहना नहीं चाहता हैं। लेकिन आज आप कुछ भी करें , चाहे योग करें , जिम करें , दौड़ लगाएं , देसी एक्सरसाइज करें स्वस्थ रहने के लिए बहुत ही जरूरी हैं। नहीं तो शरीर काम करना छोड़ देगा। फिर की काम की आमदनी ? डॉक्टर भी आज यही सलाह दे रहे हैं , जब आदमी क्रिस्टिकल स्थिति में पहुँच रहा हैं तो वो भी यही कह रहे हैं , कुछ एक्सरसाइज करो , वर्कआउट करो , मैडिटेशन करो , अच्छा खाना खाओ , दारू शराब छोड़ दो , मेहनत करो। यदि डॉक्टर की बातों को माना जाय तो कुश्ती मल्ल विद्या में यह सब मिल जाएगा। आप किसी भी अखाड़े में जाइये आप देसी एक्सरसाइज कर सकते हैं। अखाड़ों में मंदिर लाजिमी होते हैं यहाँ आप मैडिटेशन कर सकते हैं , कुश्ती की परंपरा में तामसी भोजन और दारू शराब जैसी नशीली चीजों से परहेज किया जाता हैं। अर्थात अखाड़े आपको वो सब देते हैं जो आपको डॉक्टर सजेस्ट करता हैं।
आज मैं गुरु जसराम अखाड़े पर गया। यहाँ बच्चों को पारम्परिक अभ्यास करते देखा। बढ़ी ख़ुशी हुई। बच्चों ने हनुमान जी की पूजा अर्चना के बाद अखाडा खोला , जोर किये , और फिर देशी कसाले किये। गुरु जसराम जी अब हमारे बीच में नहीं हैं , लेकिन उनके पुत्र वीरू पहलवानजी अब गुरु है , और गुरु जी के पोते नीरज पहलवान अखाड़े पर आकर बच्चों के जोर करा रहे हैं। अखाड़े में अभी आपको और भी परिवर्तन देखने को मिलेगा। फिलहाल मुझे बहुत संतुष्टि हुई की दौड़ भाग की दिल्ली की जिंदगी ने कई अखाड़े बंद कर दिए , लेकिन दिल्ली के बड़े अखाड़ों में से एक गुरु जसराम अखाड़े में आज भी कुश्ती की परमपिता फलफूल रही हैं और आने वाले भविष्य में कुछ और अच्छा करने की ओर अग्रसर हैं
Thanks,
Pahalwan ji
( Deepak Ansuia Prasad Bhardwaj)