पानी की एक साधारण बूँद मोती जैसी चमक सकती है, तो इंसान क्यों नहीं? 🙏 | भक्तामर स्तोत्र श्लोक 8
Swami Girish Bharti
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पानी की एक साधारण बूँद मोती जैसी चमक सकती है, तो इंसान क्यों नहीं? 🙏 | भक्तामर स्तोत्र श्लोक 8
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🙏 श्री भक्तामर स्तोत्र — श्लोक ८
🌸 सभी संस्कृत श्लोक क्रम से सुनने के लिए हमारी प्लेलिस्ट देखें:
• श्री भक्तामर स्तोत्र | मूल संस्कृत पाठ
कमल के पत्ते पर पानी की साधारण बूँद भी मोती जैसी चमकने लगती है।
आचार्य मानतुंग स्वामी बताते हैं कि जैसे साधारण बूँद को कमल के पत्ते पर विशेष सुंदरता मिलती है, वैसे ही भगवान आदिनाथ की महिमा से साधारण स्तुति भी अनमोल बन जाती है।
यह हमें प्रेरणा देता है कि साधारण व्यक्ति का प्रयास भी सही प्रेरणा पाकर मूल्यवान बन सकता है।
🙏 जय जिनेन्द्र
रचनाकार: आचार्य श्री १०८ मानतुंग स्वामी
प्रस्तुति: स्वामी गिरीश भारती
चैनल: 24 JIN MAHAVEER
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