Перейти к содержимому

जावो नुगरी काया || Jaavo Nugari Kaya || Prahlad Singh Tipanya ||

Prahlad Singh Tipanya Official

0:00 / 0:00

जावो नुगरी काया || Jaavo Nugari Kaya || Prahlad Singh Tipanya ||

890 707 просмотров · 5 лет назад
Prahlad Singh Tipanya Official
498 тыс. подписчиков
890 707 просмотров · 5 лет назад
जावो नुगरी काया || Jaavo Nugari Kaya || Prahlad Singh Tipanya ___________________________________________________________________ Credits Main Vocal : Padmashri Prahlad Singh Tipanya Chours : Ashok Tipaniya, Vijay Tipaniya Violin : Devnarayan Saroliya Dholak : Ajay Tipaniya Harmonium : Dharmandra Tipaniya Timki : Manglesh Mangroliya Khadtal : Himanshu Tipaniya Video : Mayank Tipaniya, Pritam Tipaniya Sound Mixing : Peter Jamra Video Mixing : Mayank Tipaniya _______________________________________________________________________ भजन: जावो नुगरी काया साखी: आया है सो जाऐगा, राजा रंक फ़कीर कोई सिंहासन चढ़ चले कोई बंधे जंजीर।। ऊंचे महल चुनावते, करते होड़म होड़। अरे ते मंदिर खाली पड़े, जब गए पलक में छोड़।। अरे जो उगे सो आथमें,फूले सो कुमलाय । अरे जो चुने सो ढही पड़े जन्में सो मरी जाए।। काल खड़ा सिर ऊपरे, जागो बिराने जीव। जा का घर है गेल में, तू क्यों सोवे है नचीव।। जाओ नुगरी काया थारो कई गुण गांवां अरे हां हां रे कई गुण गांवां अब थारो कंई जस गांवां महल बणाया हंसा रेवानी पाया अरे हां हां रे। 1. काटी लेना घांस बांध लेना टटिया सोना हंदा महल रूपा हंदा खंबा कठे तो गयो ईणी नगरी को राजा अरे हां हां रे 2. बालू की भींत अटारी का चढ़ना अरे हां हां रे ओछे से प्रीत कटारी का मरना अरे हां हां रे 3. गादी गलीचा थारा धरिया रे महल में अरे हां हां रे एक दिन जलेगा काया लकड़ी का संग में अरे हां हां रे 4. कहें हो कबीर साहेब जुग जुग जीवणां अरे हां हां रे घणी ममता ने मार भसम कर पीवणा अरे हां हां रे