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यहाँ डुबकी लगाने पर होती है पुत्र प्राप्ति | Radha Ashtami 2022 | Radha kund | #Radhakund #Govardhan

पिटारा पौराणिक कहानियों का

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यहाँ डुबकी लगाने पर होती है पुत्र प्राप्ति | Radha Ashtami 2022 | Radha kund | #Radhakund #Govardhan

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पिटारा पौराणिक कहानियों का
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#राधाकुंड एक ऐसा चमत्कारी स्थान है जो रहस्यों से भरा हुआ है.. यहाँ की मान्यताएं भी हैरान करने वाली होती है.. जानिए इस जगह के बारे में.. और वीडियो पसंद आये तो कमेंट करके जरूर बताएं.. राधा कुंड में ऐसा क्या है जो इसमें डुबकी लगाने पर हो जाती है संतान प्राप्ति??? radha ashtami 2022 अहोई अष्टमी अहोई अष्टमी 2022 radha ashtami 2022 #radhakrishna #radhaashtmi #radhaashtamistatus #radhaashtami #radhaashtamipuja #radhaashtamispecial #radhaashtamipujavidhi #radhaashtami2022 #ahoiashtamipujavidhi #ahoiashtamikabhai #ahoiashtami #ahoiashtamipujavidhi #ahoiashtamivrat #ahoiashtami2022 #radhakund #radhakunda #radhakunj अहोई अष्टमी 2022 कब है radha kund radha kund radha ashtami radha kund radha ashtami 2022 राधा कुंड की महिमा वृंदावन राधा कुंड Radha kund history in Hindi राधा कुंड कहां पर है राधा अष्टमी की कथा राधा अष्टमी कथा radha ashtami katha आपको हमारे प्रयास पसंद आये तो 9827064152 पर Phonepay, Googlepay, या paytm करके सहयोग कर सकतें है. जयसियाराम पौराणिक मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण गोवर्धन में गौचारण करते थे। इसी दौरान अरिष्टासुर ने गाय के बछड़े का रूप धरके श्रीकृष्ण पर हमला करना चाहा लेकिन श्रीकृष्ण ने उसका वध कर दिया। राधा कुंड क्षेत्र श्रीकृष्ण से पूर्व राक्षस अरिष्टासुर की नगरी अरीध वन थी। अरिष्टासुर से ब्रजवासी खासे तंग आ चुके थे। इस कारण श्रीकृष्ण ने उसका वध कर दिया था। 2.वध करने के बाद राधाजी ने बताया कि आपने गौवंश के रूप में उसका वध किया है अत: आपको गौवंश हत्या का पाप लगेगा। यह सुनकर श्रीकृष्‍ण ने अपनी बांसुरी से एक कुंड खोदा और उसमें स्नान किया। इस पर राधाजी ने भी बगल में अपने कंगन से एक दूसरा कुंड खोदा और उसमें स्नान किया। श्रीकृष्ण के खोदे गए कुंड को श्‍याम कुंड और राधाजी के कुंड को राधा कुंड कहते हैं। ब्रह्म पुराण व गर्ग संहिता के गिर्राज खंड के अनुसार महारास के बाद श्रीकृष्ण ने राधाजी की इच्‍छानुसार उन्हें वरदान दिया था कि जो भी दंपत्ति राधा कुंड में इस विशेष दिन स्नान करेगा उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी। मान्यता है कि सप्तमी की रात्रि को पुष्य नक्षत्र में रात्रि 12 बजे राधा कुंड में स्नान करते हैं। इसके बाद सुहागिनें अपने केश खोलकर राधा की भक्ति कर आशीर्वाद प्राप्त कर पुत्र रत्न प्राप्ति की प्रार्थना करती हैं। कार्तिक मास की अष्टमी को वे पति-पत्नी जिन्हें पुत्र प्राप्ति नहीं हुई है, निर्जला व्रत रखते हैं। मथुरा के पास अरिता नाम का गांव है, जहां पर राधा और कृष्ण नाम के दो कुंड हैं। राधा कुंड के विषय में मान्यता है कि यदि किसी दंपत्ति को संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है और वे अहोई अष्टमी (कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी) की मध्य रात्रि को इस कुंड में स्नान करते हैं तो उन्हें संतान की प्राप्ति हो सकती है। Radha Kund is the holiest place in all of Brahma’s creation. Radha Kund and Shyama Kund represent the eyes of Govardhan, which is in the shape of a peacock. This is the place where Radha and Krishna performed their most sweet lilas. राधाकुंड भारत गणराज्य के उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले का एक छोटा सा कस्बा है| गोवर्धन परिक्रमा में यह एक प्रमुख पड़ाव है| इस कुंड के संबंध में प्रचलित कथा के अनुसार कंस भगवान श्रीकृष्ण का वध करना चाहता था। इसके लिए कंस ने अरिष्टासुर राक्षस को भी भेजा था। अरिष्टासुर बछड़े का रूप बनाकर श्रीकृष्ण की गायों में शामिल हो गया और बाल-ग्वालों को मारने लगा। श्रीकृष्ण ने बछड़े के रूप में छिपे राक्षस को पहचान लिया और उसे पकड़कर जमीन पर पटककर उसका वध कर दिया। यह देखकर राधा ने श्रीकृष्ण से कहा कि उन्हें गो-हत्या का पाप लग गया है और इस पापा की मुक्ति के लिए उन्हें सभी तीर्थों के दर्शन करने चाहिए। राधा के ऐसा कहने पर श्रीकृष्ण ने देवर्षि नारद से इसका उपाय पूछा। देवर्षि नारद ने उन्हें उपाय बताया कि वह सभी तीर्थों का आह्वान करके उन्हें जल रूप में बुलाएं और उन तीर्थों के जल को एकसाथ मिलाकर स्नान करें। ऐसा करने से गो-हत्या के पाप से मुक्ति मिल जाएगी। देवर्षि के कहने पर श्रीकृष्ण ने एक कुंड में सभी तीर्थों के जल को आमंत्रित किया और कुंड में स्नान करके पापमुक्त हो गए। उस कुंड को कुष्ण कुंड कहा जाता है, जिसमें स्नान करके श्रीकृष्ण गौ-हत्या के पाप से मुक्त हुए थे। Legend has it that when Lord Krishna slayed a mighty asura (demon) in the form of a bull, his consort Radha tersely told Krishna to wash off his sins by taking dips in various holy rivers. Krishna laughed it off and struck the ground with his foot whereupon the mighty rivers emerged, welled up and formed a kunda (little water body). Subsequently the Lord bathed in the water to please Radha. The kunda came to be called "Shyam-Kund".