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शरीर मनुष्य का, पर कर्म अभी भी पशु जैसे! | एक संत और चुहिया की कथा | Swami Anmolka Nand Ji Maharaj

Dhan Dhan Satguru Samadhi Wale Maharaj Jhaj Dham

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शरीर मनुष्य का, पर कर्म अभी भी पशु जैसे! | एक संत और चुहिया की कथा | Swami Anmolka Nand Ji Maharaj

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Dhan Dhan Satguru Samadhi Wale Maharaj Jhaj Dham
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सत्संग | स्वामी अनमोलका नंद जी महाराज | झज्ज धाम वाले इस प्रेरणादायक सत्संग कथा में जानिए एक संत और चुहिया की अद्भुत कथा, जिसमें चुहिया का रूप बदलते-बदलते कुत्ता, शेर और अंततः मनुष्य बन जाता है। लेकिन कथा का गहरा संदेश है— “शरीर मनुष्य का, पर कर्म अभी भी पशु जैसे!” संत हमें जीवन में केवल बाहरी रूप नहीं, बल्कि विचार, संस्कार, स्वभाव और कर्मों में परिवर्तन का महत्व समझाते हैं। 📍 स्थान: गाँव — मवा, नूरपुर बेदी 🙏: स्वामी अनमोलका नंद जी महाराज 📖 कथा: एक संत और चुहिया की अद्भुत कथा #Satsang #swamianmolkanandji #jhajdham #SatsangKatha #SantKiKatha #HindiSatsang #PrerakKatha #AdhyatmikKatha #Bhakti #SanatanDharma #Mawa #NurpurBedi