Перейти к содержимому

“पाथर पूजे हरि मिले, तो मैं पूजूं पहाड़,घर की चाकी कोई न पूजे, जेहि का पीस खाय।”👉🔴सदगुरु कबीर साहेब

संत श्री वैराग्य साहेब sant shri vairagya saheb

0:00 / 0:00

“पाथर पूजे हरि मिले, तो मैं पूजूं पहाड़,घर की चाकी कोई न पूजे, जेहि का पीस खाय।”👉🔴सदगुरु कबीर साहेब

3 064 просмотра · 9 мес. назад
संत श्री वैराग्य साहेब sant shri vairagya saheb
166 подписчиков
3 064 просмотра · 9 мес. назад
“पाथर पूजे हरि मिले, तो मैं पूजूं पहाड़,घर की चाकी कोई न पूजे, जेहि का पीस खाय।”👉🔴सदगुरु कबीर साहेब