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Kainat Chale | Jagjit Singh - Audio Lyrical | कायनात चले | Gulzar | Forever Jagjit | Old Hit Song

Hindi Ghazal Hits

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Kainat Chale | Jagjit Singh - Audio Lyrical | कायनात चले | Gulzar | Forever Jagjit | Old Hit Song

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Suniye Jagjit Singh ki madhur awaaz mein Gulzar ke khoobsurat alfaaz se saji “Kainat Chale”, ek yaadgaar aur dilkash rachna. #kainatchale #कायनातचले #jagjitsingh #gulzar #foreverjagjit #jagjitsinghghazal #hindighazal #oldsongs #soulfulghazal #evergreenghazal Song - Kainat Chale Singer - Jagjit Singh Composer - Jagjit Singh Lyricist - Gulzar Album - Forever Jagjit Lyrics: नज़र उठाओ ज़रा तुम तो कैनात चले नज़र उठाओ ज़रा तुम तो कैनात चले है इंतज़ार के आँखों से कोई बात चले है इंतज़ार के आँखों से कोई बात चले नज़र उठाओ ज़रा तुम तो कैनात चले तुम्हारी मर्ज़ी बिना वक़्त भी अपाहाज़ है तुम्हारी मर्ज़ी बिना वक़्त भी अपाहाज़ है ना दिन खिषाकता है आगे ना आयेज रात चले ना दिन खिषाकता है आगे ना आयेज रात चले है इंतज़ार के आँखों से कोई बात चले नज़र उठाओ ज़रा तुम तो कैनात चले ना जाने उंगली च्छुदा कर निकल गया है किधर ना जाने उंगली च्छुदा कर निकल गया है किधर बहोट कहाँ था ज़माने से साथ साथ चले बहोट कहाँ था ज़माने से साथ साथ चले है इंतज़ार के आँखों से कोई बात चले नज़र उठाओ ज़रा तुम तो कैनात चले किसी भिखारी का टूटा हुआ कटोरा हैं किसी भिखारी का टूटा हुआ कटोरा हैं गले में डाले उससे आस्मा पे रात चले गले में डाले उससे आस्मा पे रात चले है इंतज़ार के आँखों से कोई बात चले नज़र उठाओ ज़रा तुम तो कैनात चले ओ कैनात चले..ओ कैनात चले ओ कैनात चले..ओ कैनात चले