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300+ KM पदयात्रा || कलिंगनगर पहूंचे || हो भाषा के लिए संघर्ष जारी ‪@MASKALNEWS‬

MASKAL NEWS

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300+ KM पदयात्रा || कलिंगनगर पहूंचे || हो भाषा के लिए संघर्ष जारी ‪@MASKALNEWS‬

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पैरों में छाले, दिल में उम्मीद: हो भाषा के अधिकार के लिए 300 KM+ पदयात्रा ओडिशा के मयूरभंज जिले के तिरिंग से राजभवन, भुवनेश्वर तक 300 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा की जा रही है। पैदल चल रहे लोगों की प्रमुख मांग है कि हो भाषा को ओडिशा की द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया जाए और इसे भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। आंदोलनकारियों के अनुसार, 40 लाख से अधिक लोग हो भाषा बोलते हैं, बावजूद इसके भाषा को अब तक संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान नहीं मिला है। यह 300+ किलोमीटर की पदयात्रा सिर्फ एक सफर नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति और पहचान के अधिकार के लिए संघर्ष की आवाज है। सवाल सरकार से है—40 लाख से अधिक लोगों की भाषा को संवैधानिक पहचान के लिए आखिर और कितनी दूर चलना पड़ेगा? #HoLanguage #HoBhasha #Mayurbhanj #Odisha #Rajbhasha #Adivasi #LanguageRights #PadYatra