Перейти к содержимому

dal lake dharamshala himachal pradesh | dal lake dharamshala to naddi view point | naddi view point

Arun Kumar

0:00 / 0:00

dal lake dharamshala himachal pradesh | dal lake dharamshala to naddi view point | naddi view point

63 просмотра · 2 недели назад
Arun Kumar
777 подписчиков
63 просмотра · 2 недели назад
dal lake dharamshala himachal pradesh | dal lake dharamshala to naddi view point | naddi view point Naddi Dal Lake, पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज धर्मशाला में एक ऐसी झील है जहां पर राधा अष्टमी के दिन स्नान होता है और देव पूजा होती है। हम बात कर रहे हैं डल झील की। डल झील निर्माण कार्यों के कारण व सूखने व रिसाव के कारण काफी चर्चाओं में रही है। लेकिन इस झील की पवित्रता व मान्यता बहुत ही मजबूत है। ऐसी मान्यता है कि यहां पर राधा अष्टमी को स्नान करने से मणिमहेश न्‍हौण जैसा पुण्य मिलता है। यहां राधा अष्टमी पर श्रद्धालु अपार संख्या में पहुंचे हैं। झील प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है और लोगों की आस्था का केंद्र है। मैक्लोडगंज से दो किलोमीटर ऊपर नड्डी डल झील को छोटा मणिमहेश कहा जाता है। दुर्गेश्वर महादेव एवं डल झील को लेकर यह है प्राचीन इतिहास व कहानी देव भूमि हिमाचल प्रदेश में कई स्थान आदि काल से ही गौरवमयी इतिहास के साथ-साथ आस्था के स्रोत बने हुए हैं। कांगड़ा जिले में धर्मशाला से 10 किलोमीटर की दूरी पर पर्यटक नगरी नड्डी के समीप डल में श्री दुर्गेश्वर महादेव का मंदिर तथा डल झील इसका एक उदाहरण है, श्रुति में प्रचलित एक दंतकथा के अनुसार महर्षि दुर्वाशा के कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने वरदान मांगने को कहा, महर्षि दुर्वाशा ने लोगों की तत्कालीन समस्या को ध्यान में रखते हुए भगवान शिव से तपस्या स्थल के समीप पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया, भगवान शिव ने वरदान दे दिया तथा वंचित स्थल पर सप्त ऋषि के रूप में सात जलधाराएं फूट पड़ी और पानी एक झील के रूप में एकत्रित हो गया इस प्रकार डल झील की उत्पत्ति हुई। कालांतर में श्री दुर्गेश महादेव मंदिर की स्थापना हुई, डल झील की धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे छोटा मणिमहेश के की उपाधि भी दी जाती है,  जो पुण्य मणिमहेश की यात्रा तथा स्नान एवं भगवान शंकर की पूजा अर्चना करने से प्राप्त है। वही पुण्य डल झील में स्नान तथा श्री दुर्वाश महादेव मंदिर की परिक्रमा तथा पूजा-अर्चना से प्राप्त होता है।