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सत्य के बहुत से पहलु होते हैं उनमें से एक है - विश्राम कि अब हम ठहर जायें। - #मुनिश्री मंगलानंद सागर

निर्ग्रन्थ - प्रवचन : मुनि श्री मंगलानंद सागर जी

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सत्य के बहुत से पहलु होते हैं उनमें से एक है - विश्राम कि अब हम ठहर जायें। - #मुनिश्री मंगलानंद सागर

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निर्ग्रन्थ - प्रवचन : मुनि श्री मंगलानंद सागर जी
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चिंतन कर ले, इन बातों का जन्म सफल हो जायेगा। तेरा मेरा कुछ नहीं बन्दे ये दुनिया माटी का खेल। अभाव - अचेतनता होना प्रभाव - मिथ्या चेतना स्वभाव - सम्यक-चेतना/संयमचेतना मन की अखियाँ खोल भैया! आत्मा का निचोड़, रस, सत्त्व ही सार है, इसीलिए तो आत्मा समयसार है। अन्य सब नाटक है इसलिए नाटक में 'न अटक' नहीं तो ........ अंतर यही ऊपरी जान, वे विराग यह राग वितान। जिन शिव ईश्वर, ब्रह्मा राम विष्णु बुद्ध हरि जिनके राम।। राग त्याग पहुँचूँ निज धाम। आकुलता का फिर क्या काम।। बहिरातम, अन्तर-आतम, परमातम जीव त्रिधा है। देह जीव को एक गिने बहिरातम तत्त्व मुधा है।। आत्मा का निचोड़, रस, सत्त्व ही सार है, इसीलिए तो आत्मा समयसार है। अन्य सब नाटक है इसलिए नाटक में 'न अटक' नहीं तो ........ जो कर्म पूर्व किये खोटे, सहे क्यों नहीं जियरा............ भगवान मर चुका है, क्योंकि वह कभी था ही नहीं। दुर्भाग्य है - तीव्र कषाय (पाप) सौभाग्य है - मंद कषाय (पुण्य) अहोभाग्य है - अकषाय (पुण्य पाप निर्जरा) उपलब्धि थोड़े समय का संतोष है जबकि सन्तोष सदा की उपलब्धि है। मैं वो हूँ जो है भगवान जो मैं हूँ वो है भगवान। अन्तर यही ऊपरी जान वे विराग मैं राग वितान।। यों श्रावक व्रत पाल, स्वर्ग सोलम उपजावैं। तहतैं चय नर जन्म पाय, मुनि बन शिव जावैं।। "वत्सल भावम् है शिशु स्नेही होना।" "जियो और जीने दो" - श्री वर्धमान महावीर स्वामी जी ज्ञान समान न आन, जगत में सुख का कारण। यह परमामृत जन्म - जरा - मृत्यु रोग निवारण।। अपना किया सभी भोगेंगे..... कहते हैं यह जिनराई।। चीजों को वैसे देखना जैसे कि वे हैं, सम्यकदर्शन कहलाता है, इसके विपरीत मिथ्यादर्शन है। "।। निज गुण अरु पर अवगुण ढांके, वा जिनधर्म बढ़ावैं ।।" "।। तत्त्वार्थ श्रद्धानम् सम्यकदर्शनम् ।।" "मैं जो हूँ, सो हूँ! मुझे तुमसा नहीं होना।" अहंकार में सब गये धन, वैभव और वंश। न मानो तो देख लो, रावण कौरव कंस ।। "स्वयं शुद्धस्य मार्गस्य, बालाशक्तजनाश्रयाम' 'वाच्यताम् यत्प्रमार्जन्ति, तद्वन्त्युपगुहम ।।" "स्वभावतोsशुचौ काये रत्नत्रय पवित्रिते" "हमें योग्यता से अधिक मिला है इसीलिए आभारी होना सीखें।" "खुद को खुद में खोज पाना मुश्किल है, हालाँकि खुद को कहीं और खोज पाना नामुमकिन हैं" "न धर्मो धार्मिकैर्विना" "डूबो मत, लगाओ डुबकी" "जिन खोजा तिन पाइया" "आँखों देखी एवं कानों सुनी हमेशी सही नहीं होती इसीलिए शंका नहीं अपितु जिज्ञासा करें।" यद्-विद्या दर्पणायते : नमन है उन्हें जिनका ज्ञान दर्पण है। ।। प्रथमम् करणम् चरणम् द्रव्यम् नमः ।। "सद्-दृष्टि ज्ञान वृत्तानि धर्मम् धर्मेश्वरा विदुः" "जो है, सो है" ऐसी आस्था ही धर्म है। "जो मैं हूँ, वह है भगवान" "आस्रव निरोध: संवर:" "सलाह नहीं सहयोग दें" "अप्रभावना नहीं करना ही प्रभावना करना है" - आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज व्याख्याकार : मुनि श्री मंगलानंद सागर जी महाराज स्थान : श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, नया बाजार - लश्कर (ग्वालियर, मध्यप्रदेश) अवसर : सुबह प्रवचन दिनाँक : 03/10/2023, दिन : मंगलवार #निर्ग्रन्थ प्रवचन #निर्ग्रन्थ-प्रवचन #Nirgranth Pravachan #nirgranth pravachan #brainyभैयाजी #जैन कथाएं #मुनिश्री मंगलानंद सागर जी महाराज #मुनिमंगलानंदसागरजी #जैनमहाराज #gwaliorjain #mahaveer swami story #mahaveer story #life story of mahaveer #brainy bhaiya ji #brainybhaiyaji #facts of Jainism #facstofjainism #faridabad dabua chaturmas #munishrimanglanandsagarjimaharaj #jainmuni #jainbhajan #brainy bhaiya ji #brainybhaiyaji #facts of Jainism #facstofjainism #faridabad dabua chaturmas #munishrimanglanandsagarjimaharaj #jainmuni #jain cinematic video #jain cinematic #jain mandir cinematic #shri mahavir ji yatra #jain mandir darshan #shri mahaveer ji cinematography #shri mahaveer ji cinematic #paryushan parv #dashlakchan dharm #jain pravachan #kshma vani parv #kshmavaani status #jain pravachan #faridabad panchkalyanak #dabua panchkalyanak #ballabhgarh panchkalyanak #dilshad garden jain temple #sidhyachara vidhan #chota bazar shahdara jain mandir #shahdara jain temple #suryanagar jain temple ghaziabad #surendranagar muzzafarnagar