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सुर, संगीत और भावों से सजी एक मुलाकात कविता सिंह जी से

50 Ke Paar

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सुर, संगीत और भावों से सजी एक मुलाकात कविता सिंह जी से

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50 Ke Paar
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50 ke Paar सुर, संगीत और भावों से सजी एक मुलाकात कविता सिंह जी से सुरों से नहीं, भावों से बनता है संगीत… 🎶 संगीत केवल सुरों का मेल नहीं, भावों की अभिव्यक्ति है। और शायद इसीलिए हर उम्र, हर मन और हर एहसास के लिए कोई न कोई गीत होता है। इस बार 50 ke Paar में मेरी आवाज़ ही मेरी पहचान बनीं कविता सिंह जी — गुरुकुल संगीत विद्यापीठ की निदेशिका, शास्त्रीय संगीत की समर्पित शिक्षिका और लोक संगीत की मधुर गायिका। उनसे हुई यह बातचीत सिर्फ संगीत सीखने की नहीं, बल्कि संगीत को जीवन का साथी बनाने की कहानी है। 50 के पार भी अगर मन में कोई राग, कोई धुन, कोई सपना बाकी है… तो उसे जीने की कोई उम्र नहीं होती। आइए सुनते हैं— सुर, संगीत और भावों से सजी एक ऐसी मुलाकात, जो शायद आपके मन का भी कोई गीत जगा दे। ❤️🎶