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अपने अंदर ही राम हैं, अपने अंदर ही रावण | सच्ची विजयादशमी | ठाकुर जी के मंगलमय विधान में..

Omji O Series

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अपने अंदर ही राम हैं, अपने अंदर ही रावण | सच्ची विजयादशमी | ठाकुर जी के मंगलमय विधान में..

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अपने अंदर ही राम हैं, अपने अंदर ही रावण | सच्ची विजयादशमी | ठाकुर जी के मंगलमय विधान में रावण केवल बाहर नहीं, हमारे भीतर भी है। अहंकार, क्रोध, लोभ, मोह और स्वार्थ ही हमारे अंतर्मन के रावण हैं, जबकि सत्य, प्रेम, करुणा, सेवा और विवेक हमारे भीतर के राम हैं। तीन गुणों के प्रभाव में मनुष्य प्रतिपल संघर्ष करता है। सच्ची विजय तब है, जब हम अपने दुर्गुणों पर विजय प्राप्त कर, अपने आचरण में श्रीराम के आदर्शों को उतारें। आइए, इस विजयादशमी पर केवल रावण का पुतला नहीं, अपने भीतर के अहंकार और अविवेक को भी जलाने का संकल्प लें। 🙏 अपने अंदर के राम को जगाएँ, भीतर के रावण को हराएँ। ठाकुर जी के मंगलमय विधान में हरि: शरणम् 🙏🌹 #हैशटैग #अपनेअंदरहीराम #अपनेअंदरहीरावण #विजयादशमी #दशहरा #श्रीराम #भगवद्गीता #आत्ममंथन #आत्मविजय #जीवनदर्शन #तीनगुण #सत्यप्रेमसेवा #आचरणऔरअनुशासन #भक्तिसंगीत #गीता_जीवन_संगीत #ठाकुरजीकेमंगलमयविधान #हरिशरणम्